Bhairav Ji Ki Aarti Lyrics: श्री भैरव जी की आरती

भगवान भैरवनाथ जी को प्रसन्न करने के लिए इस भैरव जी की आरती (Bhairav Ji Ki Aarti) का जाप किया जाता है| आपको बता दे कि श्री काल भैरव को भगवान शंकर का ही अवतार माना जाता है एवं पूर्ण श्रद्धा से भैरव जी की आरती (Bhairav Ji Ki Aarti) जाप करने से भगवान काल भैरव अपने भक्तों से बहुत ही प्रसन्न होते है|

मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली अष्टमी तिथि को भैरव जयंती का त्यौहार मनाया जाता है| इस शुभ अवसर पर भैरव जी की आरती (Bhairav Ji Ki Aarti) का जाप करना जातकों के लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है| तो आइए जाप करते है भैरव जी की आरती का|

भैरव जी की आरती

इसी के साथ यदि आप लिंगाष्टकम मंत्र [Lingashtakam Lyrics], खाटू श्याम जी की आरती [Khatu Shyam Aarti Lyrics], या बजरंग बाण [Bajrang Baan Lyrics] आदि भिन्न-भिन्न प्रकार की आरतियाँ, चालीसा व व्रत कथा पढना चाहते है तो आप हमारी वेबसाइट 99Pandit पर विजिट कर सकते है|

इसके अलावा आप हमारे एप 99Pandit For Users पर भी आरतियाँ व अन्य कथाओं को पढ़ सकते है| इस एप में भगवद गीता के सभी अध्यायों को हिंदी अर्थ समझाया गया है|

काल भैरव जी की आरती हिंदी में – Bhairav Ji Ki Aarti in Hindi

|| काल भैरव जी की आरती ||

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा ।
जय काली और गौर देवी कृत सेवा ॥
॥ जय भैरव देवा…॥

तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक ।
भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक ॥
॥ जय भैरव देवा…॥

वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी ।
महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी ॥
॥ जय भैरव देवा…॥

तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होवे ।
चौमुख दीपक दर्शन दुःख खोवे ॥
॥ जय भैरव देवा…॥

तेल चटकी दधि मिश्रित भाषावाली तेरी ।
कृपा कीजिये भैरव, करिए नहीं देरी ॥
॥ जय भैरव देवा…॥

पाँव घुँघरू बाजत अरु डमरू दम्कावत ।
बटुकनाथ बन बालक जल मन हरषावत ॥
॥ जय भैरव देवा…॥

बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावे ।
कहे धरनी धर नर मनवांछित फल पावे ॥
॥ जय भैरव देवा…॥

भैरव जी की आरती

Bhairav Ji Ki Aarti Lyrics in English – जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा

|| Bhairav Ji Ki Aarti ||

Jai Bhairav Deva, Prabhu Jai Bhairav Deva.
Jai Kali aur Gaur Devi krit seva.
Jai Bhairav Deva…

Tumhi paap uddharak, dukh sindhu taarak.
Bhakto ke sukh kaarak, bheeshan vapu dhaarak.
Jai Bhairav Deva…

Vahan shwaan viraajat, kar trishool dhaari.
Mahima amit tumhaari, Jai Jai Bhayahari.
Jai Bhairav Deva…

Tum bin deva seva, safal nahi hove.
Chaumukh deepak darshan, Dukh khove.
Jai Bhairav Deva…

Tel Chataki Dadhi Mishrit Bhashavali teri.
Kripa kijiye Bhairav, kariye nahi deri.
Jai Bhairav Deva…

Paanv ghungroo bajat, aru damru damkavat.
Batuknath ban balak, jal man harshavat.
Jai Bhairav Deva…

Batuknath ji ki aarti jo koi nar gaave.
Kahe dharni dhar nar, manvaanchhit fal paave.
Jai Bhairav Deva…

Ganga Mata ki Aarti Lyrics: श्री गंगा मैय्या जी की आरती

गंगा मैय्या जी की आरती (Ganga Mata ki Aarti) का जाप गंगा माता की प्रार्थना करने के लिए किया जाता है| हिन्दू धर्म में गंगा नदी को सबसे पवित्र नदी माना जाता है| भक्तों के द्वारा गंगा मैय्या को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा की जाती है एवं गंगा मैय्या जी की आरती (Ganga Mata ki Aarti) का जाप किया जाता है| कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति गंगा नदी में स्नान करने से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते है| तो आइये जानते है गंगा मैय्या की आरती के लिरिक्स|

गंगा मैय्या जी की आरती

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गंगा मैय्या जी की आरती हिंदी में – Ganga Mata ki Aarti Lyrics in Hindi

|| गंगा मैय्या जी की आरती ||

नमामि गंगे ! तव पाद पंकजम्,
सुरासुरैः वंदित दिव्य रूपम् ।
भक्तिम् मुक्तिं च ददासि नित्यं,
भावानुसारेण सदा नराणाम् ॥

हर हर गंगे, जय माँ गंगे,
हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥

ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता,
मनवांछित फल पाता ॥

चंद्र सी जोत तुम्हारी,
जल निर्मल आता ।
शरण पडें जो तेरी,
सो नर तर जाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥

पुत्र सगर के तारे,
सब जग को ज्ञाता ।
कृपा दृष्टि तुम्हारी,
त्रिभुवन सुख दाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥

एक ही बार जो तेरी,
शारणागति आता ।
यम की त्रास मिटा कर,
परमगति पाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥

आरती मात तुम्हारी,
जो जन नित्य गाता ।
दास वही सहज में,
मुक्त्ति को पाता ॥
॥ ॐ जय गंगे माता..॥

ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता ।
जो नर तुमको ध्याता,
मनवांछित फल पाता ॥

ॐ जय गंगे माता,
श्री जय गंगे माता ।

गंगा मैय्या जी की आरती

Ganga Mata ki Aarti Lyrics in English – ॐ जय गंगे माता

|| Ganga Mata ki Aarti ||

Har Har Gange, Jai Maa Gange,
Har Har Gange, Jai Maa Gange.

Om Jai Gange Maata,
Shri Jai Gange Maata.
Jo nar tumko dhyaata,
Manvaanchhit phal paata.

Chandr si jyot tumhaari,
Jal nirmal aata.
Sharan paden jo teri,
So nar tar jaata.
Om Jai Gange Maata…

Putra Sagar ke taare,
Sab jag ko gyaata.
Kripa drishti tumhaari,
Tribhuvan sukh daata.
Om Jai Gange Maata…

Ek hi baar jo teri,
Sharanagati aata.
Yam ki traas mita kar,
Parmagati paata.
Om Jai Gange Maata…

Aarti Maa tumhaari,
Jo jan nitya gaata.
Daas wahi sahaj mein,
Mukti ko paata.
Om Jai Gange Maata…

Om Jai Gange Maata,
Shri Jai Gange Maata.
Jo nar tumko dhyaata,
Manvaanchhit phal paata.

Om Jai Gange Maata,
Shri Jai Gange Maata.

Sai Baba Ki Aarti Lyrics: जाप करे श्री साईं बाबा की आरती का

साईं बाबा की आरती (Sai Baba Ki Aarti) का जाप भक्तों के द्वारा उनकी उपासना करने हेतु किया जाता है| गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है व इसी दिन साईं बाबा की पूजा तथा साईं बाबा की आरती (Sai Baba Ki Aarti) का जाप करना भक्तों के लिए अत्यधिक फलदायी होता है| इस दिन भक्तों के द्वारा साईं बाबा की उपासना हेतु उपवास भी रखा जाता है|

गुरुवार के दिन जो भी भक्त साईं बाबा की पूजा तथा साईं बाबा की आरती (Sai Baba Ki Aarti) का जाप करता है, उसके सभी मनोरथ सिद्ध हो जाते है| साईं बाबा की आरती (Sai Baba Ki Aarti) का जाप करने से भक्तों के सभी संकट भी दूर होते है तो आइये जानते है साईं बाबा की आरती (Sai Baba Ki Aarti) के लिरिक्स|

साईं बाबा की आरती

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शिरडी साईं बाबा की आरती हिंदी में – Sai Baba Ki Aarti Lyrics in Hindi

|| साईं बाबा की आरती ||

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।

भक्तजनों के कारण, उनके कष्ट निवारण॥

शिरडी में अवतरे, ॐ जय साईं हरे॥ ॐ जय…॥

दुखियन के सब कष्टन काजे, शिरडी में प्रभु आप विराजे।

फूलों की गल माला राजे, कफनी, शैला सुन्दर साजे॥

कारज सब के करें, ॐ जय साईं हरे ॥

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।

काकड़ आरत भक्तन गावें, गुरु शयन को चावड़ी जावे

सब रोगों को उदी भगावे, गुरु फकीरा हमको भावे॥

भक्तन भक्ति करें, ॐ जय साईं हरे ॥

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।

हिन्दु मुस्लिम सिक्ख ईसाई, बौद्ध जैन सब भाई भाई।

रक्षा करते बाबा साईं, शरण गहे जब द्वारिकामाई॥

अविरल धूनि जरे, ॐ जय साईं हरे ॥

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।

भक्तों में प्रिय शामा भावे, हेमडजी से चरित लिखावे।

गुरुवार की संध्या आवे, शिव, साईं के दोहे गावे॥

अंखियन प्रेम झरे, ॐ जय साईं हरे ॥

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।

शिरडी साईं हरे, बाबा ॐ जय साईं हरे॥

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।

भक्तजनों के कारण, उनके कष्ट निवारण॥

साईं बाबा की आरती

Sai Baba Ki Aarti Lyrics in English – ॐ जय साईं हरे

|| Sai Baba Ki Aarti ||

Om Jai Sai Ram, Baba Shirdi Sai Ram.
Bhaktajano ke karan, unke kasht nivaran.
Shirdi mein avatar, Om Jai Sai Ram.

Dukhiyon ke sab kashtan kaaje, Shirdi mein Prabhu aap viraje.
Phoolon ki gal mala raaje, kafni, shaila sundar saje.
Kaaryan sab ke karein, Om Jai Sai Ram.

Om Jai Sai Ram, Baba Shirdi Sai Ram.
Kaakad aarat bhakton gaavein, guru shayan ko chavdi jaave.
Sab rogo ko udi Bhagave, guru fakira hamko bhavaye.
Bhakton bhakti karein, Om Jai Sai Ram.

Om Jai Sai Ram, Baba Shirdi Sai Ram.
Hindu, Muslim, Sikh, Isaai, Baudh Jain sab bhai bhai.
Raksha karte Baba Sai, sharan gahe jab Dwarika Mai.
Aviral dhuni jale, Om Jai Sai Ram.

Om Jai Sai Ram, Baba Shirdi Sai Ram.
Bhakton mein priy shama Bhavaye, Hemadji se charit likhaave.
Guruvaar ki sandhya aave, Shiv, Sai ke dohe gaave.
Ankhiyan prem jhare, Om Jai Sai Ram.

Om Jai Sai Ram, Baba Shirdi Sai Ram.
Om Jai Sai Ram, Baba Shirdi Sai Ram.
Shirdi Sai Ram, Baba Om Jai Sai Ram.
Om Jai Sai Ram, Baba Shirdi Sai Ram.
Bhaktajano ke karan, unke kasht nivaran.

Kartikeya Bhagwan Ki Aarti: कार्तिकेय आरती हिंदी में

भगवान कार्तिकेय को प्रसन्न करने के लिए कार्तिकेय आरती (Kartikeya Aarti) का जाप किया जाता है| भगवान कार्तिकेय को मुरगन स्वामी के नाम से भी जाना जाता है| कार्तिकेय जी भगवान शंकर एवं माता पार्वती के बड़े पुत्र है|

कार्तिकेय भगवान की पूजा एवं कार्तिकेय आरती (Kartikeya Aarti) का जाप सभी भक्तों के द्वारा किया जाता है लेकिन इनकी सर्वाधिक पूजा दक्षिणी भारत में की जाती है| भारत के लगभग सभी दक्षिणी राज्यों मुख्यत तमिलनाडु में भगवान कार्तिकेय की पूजा व कार्तिकेय आरती (Kartikeya Aarti) पुरे विधि – विधान से की जाती है|

कार्तिकेय आरती

भगवान कार्तिकेय को तमिलनाडु का रक्षक देव भी माना जाता है| भगवान कार्तिकेय को स्कन्द देव भी कहा है इसलिए स्कन्द षष्ठी के कार्तिकेय भगवान की पूजा व आरती का जाप करने से भक्तों सौभाग्य की प्राप्ति होती है|

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कार्तिकेय भगवान की आरती हिंदी में | Kartikeya Bhagwan ki Aarti in Hindi

|| कार्तिकेय आरती ||

जय जय आरती वेणु गोपाला
वेणु गोपाला वेणु लोला

पाप विदुरा नवनीत चोरा
जय जय आरती वेंकटरमणा
वेंकटरमणा संकटहरणा
सीता राम राधे श्याम

जय जय आरती गौरी मनोहर
गौरी मनोहर भवानी शंकर
सदाशिव उमा महेश्वर

जय जय आरती राज राजेश्वरि
राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि

महा सरस्वती महा लक्ष्मी
महा काली महा लक्ष्मी

जय जय आरती आन्जनेय
आन्जनेय हनुमन्ता

जय जय आरति दत्तात्रेय
दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार

जय जय आरती सिद्धि विनायक
सिद्धि विनायक श्री गणेश

जय जय आरती सुब्रह्मण्य
सुब्रह्मण्य कार्तिकेय

कार्तिकेय आरती

Kartikeya Aarti Lyrics in English | जय जय आरती वेणु गोपाला

|| Kartikeya Aarti ||

Jay Jay Aarti Venugopala
Venugopala Venulola

Paap Vidura Navneet Chora
Jay Jay Aarti Venkatramana
Venkatramana Sankat Harana
Sita Ram Radhe Shyam

Jay Jay Aarti Gauri Manohar
Gauri Manohar Bhawani Shankar
Sada Shiva Uma Maheshwar

Jay Jay Aarti Raj Rajeshwari
Raj Rajeshwari Tripura Sundari

Maha Saraswati Maha Lakshmi
Maha Kali Maha Lakshmi

Jay Jay Aarti Anjaniye
Anjaniye Hanumanta

Jay Jay Aarti Dattatreya
Dattatreya Trimurti Avatar

Jay Jay Aarti Siddhi Vinayak
Siddhi Vinayak Shri Ganesh

Jay Jay Aarti Subrahmanya
Subrahmanya Kartikeya

Yamuna Ji Aarti Lyrics: माता यमुना जी की आरती हिंदी में

यमुना जी की आरती (Yamuna Ji Aarti) का जाप माता यमुना को प्रसन्न करने तथा माता यमुना का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है| इस यमुना जी की आरती (Yamuna Ji Aarti) का जाप करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते है| आमतौर पर यमुना जी की आरती (Yamuna Ji Aarti) का जाप किसी भी दिन किया जा सकता है किन्तु भाई दूज के शुभ अवसर पर यमुना जी की आरती (Yamuna Ji Aarti) करने जातक को बहुत लाभ होता है|

यमुना जी की आरती

इस आरती को केवल सुनने मात्र से ही भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है| जो भी व्यक्ति इस आरती (Yamuna Ji Aarti) का जाप करता है, उस व्यक्ति को यम का भय नहीं रहता है| तो आइये जानते है यमुना जी की आरती (Yamuna Ji Aarti) के लिरिक्स के बारे में|

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माता यमुना जी की आरती हिंदी में | Yamuna Ji Aarti Lyrics in Hindi

|| यमुना जी की आरती ||

ॐ जय यमुना माता, हरि जय यमुना माता ।
जो नहावे फल पावे सुख दुःख की दाता ।।
ॐ जय यमुना माता

पावन श्रीयमुना जल अगम बहै धारा ।
जो जन शरण में आया कर दिया निस्तारा ।।
ॐ जय यमुना माता

जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे ।
यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे ।।
ॐ जय यमुना माता

कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही ।
तुम्हारा बड़ा महातम चारो वेद कही ।।
ॐ जय यमुना माता

आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो ।
नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो ।।
ॐ जय यमुना माता

नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी ।
मन बेचैन भया हैं तुम बिन वैतरणी ।।
ॐ जय यमुना माता

यमुना जी की आरती

Maa Yamuna Ji Aarti Lyrics in English | ॐ जय यमुना माता

|| Yamuna Ji Aarti ||

Om Jai Yamuna Mata, Hari Jai Yamuna Mata
Jo nahaave phal paave sukh dukh ki daata
Om Jai Yamuna Mata

Paavan Shri Yamuna jal agam bahai dhaara,
Jo jan sharan mein aaya kar diya nistaara
Om Jai Yamuna Mata

Jo jan praatah hi uthkar nitya snaan kare,
Yam ke traas na paave jo nitya dhyaan kare
Om Jai Yamuna Mata

Kaliyug mein mahima tumhaari atal rahi,
Tumhaara bada mahaatam charo ved kahi
Om Jai Yamuna Mata

Aan tumhaare maata, Prabhu avataar liyo,
Nitya nirmal jal peekar kans ko maar diyo
Om Jai Yamuna Mata

Namo maat bhay harani, shubh mangal karani,
Man bechain bhaya hain tum bin vaitarani
Om Jai Yamuna Mata

Aarti Shri Vrshabhanusuta Ki Lyrics: श्री राधा जी की आरती

श्री राधा जी कृपा पाने के लिए सभी भक्तों को राधा जी की आरती (Radha Ji Ki Aarti) का जाप निश्चित रूप से करना चाहिए| माँ राधा रानी की पूजा करते समय जो भक्त राधा चालीसा के साथ-साथ राधा जी की आरती (Radha Ji Ki Aarti) का जाप भी करते है| उन भक्तों को सौभाग्य की प्राप्ति होती है|

राधा जी की आरती

जो भी राधा जी की आरती (Radha Ji Ki Aarti) का जाप करता है, उस व्यक्ति के जीवन में कभी भी किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती है| माना जाता है राधा जी की आरती (Radha Ji Ki Aarti) का जाप करने से भक्तों के कष्ट दूर होते है तथा व्यक्ति तेजस्वी बनता है आइये जानते है श्री राधा जी की आरती (Radha Ji Ki Aarti) के बारे में |

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राधा जी की आरती हिंदी में | Radha Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi

|| राधा जी की आरती ||

आरती श्री वृषभानुसुता की,
मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥

त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि,
विमल विवेकविराग विकासिनि ।

पावन प्रभु पद प्रीति प्रकाशिनि,
सुन्दरतम छवि सुन्दरता की ॥
॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥

मुनि मन मोहन मोहन मोहनि,
मधुर मनोहर मूरति सोहनि ।

अविरलप्रेम अमिय रस दोहनि,
प्रिय अति सदा सखी ललिता की ॥
॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥

संतत सेव्य सत मुनि जनकी,
आकर अमित दिव्यगुन गनकी ।

आकर्षिणी कृष्ण तन मनकी,
अति अमूल्य सम्पति समता की ॥
॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥

। आरती श्री वृषभानुसुता की ।

कृष्णात्मिका, कृष्ण सहचारिणि,
चिन्मयवृन्दा विपिन विहारिणि ।

जगजननि जग दुखनिवारिणि,
आदि अनादिशक्ति विभुता की ॥
॥ आरती श्री वृषभानुसुता की..॥

आरती श्री वृषभानुसुता की,
मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥

राधा जी की आरती

Radha Ji Ki Aarti Lyrics in English | आरती श्री वृषभानुसुता की

|| Radha Ji Ki Aarti ||

Aarti Shri Vrishabhanusuta ki,
Manjul moorti Mohan mamta ki.

Trividh tapayut sansriti nashini,
Vimal vivek-virag vikasini.

Pavan Prabhu pad Preeti Prakashini,
Sundartam chhavi sundarta ki.
Aarti Shri Vrishabhanusuta ki…

Muni man Mohan Mohan Mohani,
Madhur manohar moorti sohani.

Aviral prem amiy ras dohani,
Priya ati sada sakhi Lalita ki.
Aarti Shri Vrishabhanusuta ki..

Santat sevya sat muni janaki,
Aakar amit divyagun ganaki.

Aakarshini Krishna tan man ki,
Ati amulya sampati samata ki.
Aarti Shri Vrishabhanusuta ki..

Aarti Shri Vrishabhanusuta ki.

Krishnatmika, Krishna sahacharini,
Chinmayavrida vipin viharini.

Jagjanani jag dukh-nivari ni,
Adi anadi shakti vibhuta ki.
Aarti Shri Vrishabhanusuta ki..

Aarti Shri Vrishabhanusuta ki,
Manjul moorti Mohan mamta ki.

Shakumbhari Amba Ji Ki Aarti Kijo Lyrics: शाकुम्भरी माता की आरती

शाकुम्भरी माता की आरती (Shakumbhari Mata Ki Aarti) का जाप माता शाकुम्भरी का आशीर्वाद पाने तथा उन्हें प्रसन्न करने के लिए किया जाता है| माता शाकुम्भरी को देवी दुर्गा का ही रूप माना जाता है| इसलिए शाकुम्भरी देवी की पूजा नवरात्रि के समय करना बहुत लाभदायक माना जाता है| शाकुम्भरी देवी की पूजा के साथ-साथ शाकुम्भरी माता की आरती (Shakumbhari Mata Ki Aarti) का जाप करना भी जातकों के लिए बहुत शुभ होता है| कहा जाता है कि जो भी भक्त शाकुम्भरी माता की आरती (Shakumbhari Mata Ki Aarti) का जाप करते लोगों की सभी परेशानियां दूर होती है तथा उन्हें माता शाकुम्भरी की कृपा भी प्राप्त होती है तो आइये पढ़ते है शाकुम्भरी माता की आरती (Shakumbhari Mata Ki Aarti)|

शाकुम्भरी माता की आरती

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शाकुम्भरी देवी की आरती लिरिक्स हिंदी में | Shakumbhari Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi

|| शाकुम्भरी माता की आरती ||

हरि ओम श्री शाकुम्भरी अंबा जी की आरती क़ीजो
एसी अद्वभुत रूप हृदय धर लीजो

शताक्षी दयालू की आरती किजो
तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ,

सब घट तुम आप भखनी माँ
शकुंभारी अंबा जी की आरती किजो

तुम्ही हो शाकुम्भर,
तुम ही हो सताक्षी माँ

शिवमूर्ति माया प्रकाशी माँ
शाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो

नित जो नर नारी अंबे आरती गावे माँ
इच्छा पूरण किजो,

शाकुम्भर दर्शन पावे माँ
शाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो

जो नर आरती पढ़े पढ़ावे माँ,
जो नर आरती सुनावे माँ

बस बैकुण्ठ शाकुम्भर दर्शन पावे
शाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो

शाकुम्भरी माता की आरती

Shakumbhari Mata Ki Aarti Lyrics in English | शाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो

|| Shakumbhari Mata Ki Aarti ||

Hari Om Shri Shakumbhari Amba Ji ki aarti kijiye,
Aisi adbhut roop hriday dhar lijiye.

Shatakshi Dayalu ki aarti kijiye,
Tum paripurna Adi Bhawani Maa,

Sab ghat tum aap bhakni Maa,
Shakumbhari Amba Ji ki aarti kijiye.

Tum hi ho Shakumbhar,
Tum hi ho Shatakshi Maa.

Shivamurti Maya Prakashi Maa,
Shakumbhari Amba Ji ki aarti kijiye.

Nit jo nar nari Ambe aarti gaave Maa,
Ichha puran kijiye,

Shakumbhar darshan paave Maa,
Shakumbhari Amba Ji ki aarti kijiye.

Jo nar aarti padhe padhave Maa,
Jo nar aarti sunaave Maa.

Bas Vaikunth Shakumbhar darshan paave,
Shakumbhari Amba Ji ki aarti kijiye.

Jai Jai Tulsi Mata Aarti Lyrics: तुलसी जी की आरती

तुलसी जी की आरती (Tulsi Ji Ki Aarti) मुख्यतः प्रत्येक वर्ष तुलसी पूजन के शुभ अवसर पर माता तुलसी को प्रसन्न करने के लिए की जाती है| माना जाता है कि जो भी भक्त तुलसी माता की पूजा करने के पश्चात तुलसी जी की आरती (Tulsi Ji Ki Aarti) का जाप करता है उस भक्त के जीवन से कठिनाइयां दूर हो जाती है|

तुलसी जी की आरती

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार तुलसी माता को दरिद्रता नाश करने वाली देवी के रूप में जाना जाता है| इसलिए यदि आप प्रतिदिन तुलसी जी की आरती (Tulsi Ji Ki Aarti) का जाप करते है तो आपको आर्थिक तंगी से भी राहत मिलती है| नियमित रूप से तुलसी माता की पूजा व साथ ही तुलसी जी की आरती (Tulsi Ji Ki Aarti) का गान करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है व जीवन में सुख-समृद्धि भी आती है|

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तुलसी जी की आरती लिरिक्स हिंदी में | Tulsi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi

|| तुलसी जी की आरती ||

जय जय तुलसी माता,
मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता,
सबकी वर माता ॥
॥ जय तुलसी माता…॥

सब योगों से ऊपर,
सब रोगों से ऊपर ।
रज से रक्ष करके,
सबकी भव त्राता ॥
॥ जय तुलसी माता…॥

बटु पुत्री है श्यामा,
सूर बल्ली है ग्राम्या ।
विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे,
सो नर तर जाता ॥
॥ जय तुलसी माता…॥

हरि के शीश विराजत,
त्रिभुवन से हो वंदित ।
पतित जनों की तारिणी,
तुम हो विख्याता ॥
॥ जय तुलसी माता…॥

लेकर जन्म विजन में,
आई दिव्य भवन में ।
मानव लोक तुम्हीं से,
सुख-संपति पाता ॥
॥ जय तुलसी माता…॥

हरि को तुम अति प्यारी,
श्याम वर्ण सुकुमारी ।
प्रेम अजब है उनका,
तुमसे कैसा नाता ॥
हमारी विपद हरो तुम,
कृपा करो माता ॥
॥ जय तुलसी माता…॥

जय जय तुलसी माता,
मैया जय तुलसी माता ।
सब जग की सुख दाता,
सबकी वर माता ॥

तुलसी जी की आरती

Tulsi Ji ki Aarti Lyrics in English | जय जय तुलसी माता

|| Tulsi Ji Ki Aarti ||

Jay Jay Tulsi Mata,
Maiya Jay Tulsi Mata.
Sab jag ki sukh data,
Sabki var Mata.
॥ Jay Tulsi Mata…॥

Sab yogon se upar,
Sab rogon se upar.
Raj se Raksha karke,
Sabki bhav tratha.
॥ Jay Tulsi Mata…॥

Batu putri hai Shyama,
Sura bali hai gramya.
Vishnupriya jo nar tumko seve,
So nar tar jata.
॥ Jay Tulsi Mata…॥

Hari ke sheesh virajat,
Tribhuvan se ho vandit.
Patit jano ki tarini,
Tum ho vikhyata.
॥ Jay Tulsi Mata…॥

Lekar janm vijan mein,
Aayi divya bhavan mein.
Manav lok tumhi se,
Sukh-sampati pata.
॥ Jay Tulsi Mata…॥

Hari ko tum ati pyari,
Shyam varn sukumari.
Prem ajab hai unka,
Tumse kaisa nata.
Hamari vipad haro tum,
Kripa karo Mata.
॥ Jay Tulsi Mata…॥

Jay Jay Tulsi Mata,
Maiya Jay Tulsi Mata.
Sab jag ki sukh data,
Sabki var Mata.

Jai Jai Shree Baglamukhi Mata Aarti Lyrics: बगलामुखी आरती लिरिक्स

बगलामुखी माता जी की आरती को प्रसन्न करने के लिए बगलामुखी आरती (Baglamukhi Aarti) का जाप किया जाता है| बगलामुखी माता हिन्दू धर्म में पूजनीय देवीयों में से ही एक है| माता के सभी भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए बगलामुखी आरती (Baglamukhi Aarti) का गान करते है| बगलामुखी देवी को युद्ध की देवी के रूप में भी जाना जाता है| इस वजह से मुख्यतः बगलामुखी माता की पूजा तंत्र-मंत्र की विद्या के लिए की जाती है| माना जाता है कि जो भी व्यक्ति बगलामुखी आरती (Baglamukhi Aarti) का जाप सच्चे मन से करता है तो देवी माँ उनके जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानियाँ नहीं आने देती है तो आइये जानते है बगलामुखी आरती (Baglamukhi Aarti) के लिरिक्स|

बगलामुखी आरती

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बगलामुखी आरती लिरिक्स हिंदी में | Baglamukhi Aarti Lyrics in Hindi

|| बगलामुखी आरती ||

जय जय श्री बगलामुखी माता,
आरती करहूँ तुम्हारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता,
आरती करहूँ तुम्हारी |

पीत वसन तन पर तव सोहै,
कुण्डल की छबि न्यारी |

कर कमलों में मुद्गर धारै,
अस्तुति करहिं सकल नर नारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता …………

चम्पक माल गले लहरावे,
सुर नर मुनि जय जयति उचारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता ……………

त्रिविध ताप मिटि जात सकल सब,
भक्ति सदा तव है सुखकारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता …………….

पालन हरत सृजत तुम जग को,
सब जीवन की हो रखवारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता ………..

मोह निशा में भ्रमत सकल जन,
करहु ह्रदय महँ, तुम उजियारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता ………..

तिमिर नशावहू ज्ञान बढ़ावहु,
अम्बे तुमही हो असुरारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता ………..

सन्तन को सुख देत सदा ही,
सब जन की तुम प्राण प्यारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता ……….

तव चरणन जो ध्यान लगावै,
ताको हो सब भव – भयहारी |

जय जय श्री बगलामुखी माता ………..

प्रेम सहित जो करहिं आरती,
ते नर मोक्षधाम अधिकारी ||

जय जय श्री बगलामुखी माता ………….

|| दोहा ||

बगलामुखी की आरती, पढ़ै सुनै जो कोय |
विनती कुलपति मिश्र की, सुख सम्पति सब होय ||

बगलामुखी आरती

Baglamukhi Aarti Lyrics in English | जय जय श्री बगलामुखी माता

|| Baglamukhi Aarti ||

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata,
Aarti karhu tumhari |

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata,
Aarti karhu tumhari |

Peet vasan tan par tav sohai,
Kundal ki chhavi nyari |

Kar kamalon mein mudgar dhare,
Astuti karhin sakal nar nari |

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata …………

Champak maal gale leharave,
Sur nar muni jai jayati uchhari |

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata ……………

Trividh taap miti jaat sakal sab,
Bhakti sada tav hai sukhakaari |

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata …………….

Palan harat srijat tum jag ko,
Sab jeevan ki ho rakhwaari ||

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata ………..

Moh nisha mein bhramat sakal jan,
Karhu hridaya mah, tum ujiyaari ||

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata ………..

Timir nashaavahu gyaan badhaavahu,
Ambe tumhi ho asuraari |

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata ………..

Santan ko sukh det sada hi,
Sab jan ki tum praan pyaari ||

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata ……….

Tav charanan jo dhyaan lagaavai,
Taako ho sab bhav – bhayahari |

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata ………..

Prem sahit jo karhin aarti,
Te nar mokshadhaam adhikaari ||

Jai Jai Shri Baglamukhi Mata ………….

|| Doha ||

Baglamukhi ki aarti, padhai sunai jo koy |
Vinati kulpati Mishra ki, sukh sampati sab hoy ||