Aarti Kije Hanuman Lala Ki Lyrics: हनुमान जी की आरती

ऐसे तो हनुमान जी की आरती – Aarti Kije Hanuman Lala Ki को प्रतिदिन किया जा सकता है लेकिन धार्मिक कथाओं के अनुसार हनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti) को मंगलवार तथा शनिवार के दिन करना भक्तों के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है|

हनुमान जी की आरती को  Sunderkand Path एवं Akhand Ramayan Path के पूर्ण होने के बाद भी किया जाता है| इस आरती  का जाप करने से आपको जीवन में सुख, शांति व आरोग्य की प्राप्ति होती है|  माना जाता है कि इस सुप्रसिद्ध हनुमान जी की आरती की रचना महाकवि तुलसीदास जी के द्वारा 15 वी सदी में की गई थी|

हनुमान जी की आरती

Hanuman Chalisa Path तथा हनुमान जी की आरती (Aarti Kije Hanuman Lala Ki Lyrics) शक्तिशाली पवित्र ग्रंथो में से एक है जो लोगो को बुरी व नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षित रखने और संकट को दूर करने में सहायता करते है|

हनुमान जी आरती का जप करने से भगवान हनुमान जी अपने भक्तों से प्रसन्न होते है तथा उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान करते है| लोगों का मानना है कि हनुमान जी आज भी इस धरती पर जीवित है और भगवान राम की भक्ति कर रहे है|

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हनुमान जी की आरती – Aarti Kije Hanuman Lala Ki Lyrics in Hindi

|| हनुमान जी की आरती ||

॥ श्री हनुमंत स्तुति ॥

मनोजवं मारुत तुल्यवेगं,
जितेन्द्रियं, बुद्धिमतां वरिष्ठम् ॥
वातात्मजं वानरयुथ मुख्यं,
श्रीरामदुतं शरणम प्रपद्धे ॥

॥ आरती ॥

आरती कीजै हनुमान लला की ।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

जाके बल से गिरवर काँपे ।
रोग-दोष जाके निकट न झांके ॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई ।
संतन के प्रभु सदा सहाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

दे बीरा रघुनाथ पठाए ।
लंका जारि सिया सुधि लाये ॥
लंका सो कोट समुद्र सी खाई ।
जात पवनसुत बार न लाई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

लंका जारि असुर संहारे ।
सियाराम जी के काज सँवारे ॥
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे ।
लाए संजीवन प्राण उबारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

पैठि पताल तोरि जमकारे ।
अहिरावण की भुजा उखारे ॥
बाईं भुजा असुर दल मारे ।
दाहिने भुजा संतजन तारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे।
जय जय जय हनुमान उचारे ॥
कंचन थार कपूर लौ छाई ।
आरती करत अंजना माई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ॥

जो हनुमान जी की आरती गावे ।
बसि बैकुंठ परम पद पावे ॥
लंक विध्वंस किए रघुराई ।
तुलसीदास स्वामी कीर्ति गाई ॥

आरती कीजै हनुमान लला की ।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥

॥ इति संपूर्णम् ॥

हनुमान जी की आरती

Aarti Kije Hanuman Lala Ki Lyrics in English – आरती कीजै हनुमान लला की

|| Hanuman Ji Ki Aarti ||

|| Shree Hanuman Stuti ||

Manojavam Maaruta Tulyavegam,
Jitendriyam Buddhimatam Varishtham ||
Vatatmajam Vanaryuth Mukhyam,
Shriramdutam Sharanam Prapadye ||

|| Aarti ||

Aarti Kije Hanuman Lala Ki |
Dusht Dalan Raghunath Kala Ki ||

Jake Bal Se Girivar Kaanpe |
Rog dosh Jake Nikat Na Jhanke ||
Anjani Putra Maha Baldai |
Santan Ke Prabhu Sada Sahay ||
Aarti Kije Hanuman Lala Ki….||

De Beera Raghunath Pathae |
Lanka Jaari Siya Sudhi Laye ||
Lanka So Kot Samundra Si Khai |
Jaat Pavansut Baar Na Laai ||
Aarti Kije Hanuman Lala Ki….||

Lanka Jaari Asur Sab Maare |
Siya Ram Ji Ke Kaaj Sanvare ||
Lakshman Murchit Pade Sakare |
Aan Sanjeevan Pran Ubare ||
Aarti Kije Hanuman Lala Ki….||

Paithi Pataal Tori Jamkare |
Ahiravan Ki Bhuja Ukhare ||
Baayen Bhuja Asur Dal Mare |
Dahine Bhuja Santjan Tare ||
Aarti Kije Hanuman Lala Ki….||

Surnar Munijan Aarti Utare |
Jai Jai Jai Hanuman Uchare ||
Kanchan Thaar Kapoor Lo Chaai |
Aarti Karat Anjna Mai ||
Aarti Kije Hanuman Lala Ki….||

Jo Hanuman Ji Ki Aarti Gaave |
Basi Baikunth Param Padh Pave ||
Lanka Vidhvans Kiye Raghurai |
Tulsidas Swami Kirti Gaaie
Aarti Kije Hanuman Lala Ki….||

Aarti Kije Hanuman Lala Ki |
Dusht Dalan Raghunath Kala Ki ||

॥ Eti Sampuarnam ॥

Gayatri Mata Chalisa Lyrics: श्री गायत्री चालीसा

Gayatri Mata Chalisa Lyrics: गायत्री चालीसा का जाप ज्ञान की देवी माता गायत्री को प्रसन्न करने तथा उनकी कृपा पाने के लिए किया जाता है| हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार गायत्री देवी एक ऐसी शक्ति है जिसकी कृपा यदि किसी मनुष्य के ऊपर हो तो वह अपनी जिंदगी में हमेशा सफलता को प्राप्त करता है|

गायत्री चालीसा

इस गायत्री चालीसा का जाप करने से मनुष्य को सद्बुद्धि की प्रेरणा मिलती है| जो भी मनुष्य गायत्री माता की शरण में आता है| उस व्यक्ति के जीवन में सदैव के लिए अंधकार मिट जाता है| आइये जानते है गायत्री चालीसा के बारे में|

माता गायत्री चालीसा का पाठ – Gayatri Chalisa Lyrics in Hindi

|| गायत्री चालीसा ||

|| दोहा ||

हीं श्रीं, क्लीं, मेधा, प्रभा, जीवन ज्योति प्रचण्ड ।
शांति, क्रांति, जागृति, प्रगति, रचना शक्ति अखण्ड ॥
जगत जननि, मंगल करनि, गायत्री सुखधाम ।
प्रणवों सावित्री, स्वधा, स्वाहा पूरन काम ॥

|| चौपाई ||

भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी ।
गायत्री नित कलिमल दहनी ॥

अक्षर चौबिस परम पुनीता ।
इनमें बसें शास्त्र, श्रुति, गीता ॥

शाश्वत सतोगुणी सतरुपा ।
सत्य सनातन सुधा अनूपा ॥

हंसारुढ़ सितम्बर धारी ।
स्वर्णकांति शुचि गगन बिहारी ॥

पुस्तक पुष्प कमंडलु माला ।
शुभ्र वर्ण तनु नयन विशाला ॥

ध्यान धरत पुलकित हिय होई ।
सुख उपजत, दुःख दुरमति खोई ॥

कामधेनु तुम सुर तरु छाया ।
निराकार की अदभुत माया ॥

तुम्हरी शरण गहै जो कोई ।
तरै सकल संकट सों सोई ॥

सरस्वती लक्ष्मी तुम काली ।
दिपै तुम्हारी ज्योति निराली ॥

तुम्हरी महिमा पारन पावें ।
जो शारद शत मुख गुण गावें ॥

चार वेद की मातु पुनीता ।
तुम ब्रहमाणी गौरी सीता ॥

महामंत्र जितने जग माहीं ।
कोऊ गायत्री सम नाहीं ॥

सुमिरत हिय में ज्ञान प्रकासै ।
आलस पाप अविघा नासै ॥

सृष्टि बीज जग जननि भवानी ।
काल रात्रि वरदा कल्यानी ॥

ब्रहमा विष्णु रुद्र सुर जेते ।
तुम सों पावें सुरता तेते ॥

तुम भक्तन की भक्त तुम्हारे ।
जननिहिं पुत्र प्राण ते प्यारे ॥

महिमा अपरम्पार तुम्हारी ।
जै जै जै त्रिपदा भय हारी ॥

पूरित सकल ज्ञान विज्ञाना ।
तुम सम अधिक न जग में आना ॥

तुमहिं जानि कछु रहै न शेषा ।
तुमहिं पाय कछु रहै न क्लेषा ॥

जानत तुमहिं, तुमहिं है जाई ।
पारस परसि कुधातु सुहाई ॥

तुम्हरी शक्ति दिपै सब ठाई ।
माता तुम सब ठौर समाई ॥

ग्रह नक्षत्र ब्रहमाण्ड घनेरे ।
सब गतिवान तुम्हारे प्रेरे ॥

सकलसृष्टि की प्राण विधाता ।
पालक पोषक नाशक त्राता ॥

मातेश्वरी दया व्रत धारी ।
तुम सन तरे पतकी भारी ॥

जापर कृपा तुम्हारी होई ।
तापर कृपा करें सब कोई ॥

मंद बुद्घि ते बुधि बल पावें ।
रोगी रोग रहित है जावें ॥

दारिद मिटै कटै सब पीरा ।
नाशै दुःख हरै भव भीरा ॥

गृह कलेश चित चिंता भारी ।
नासै गायत्री भय हारी ॥

संतिति हीन सुसंतति पावें ।
सुख संपत्ति युत मोद मनावें ॥

भूत पिशाच सबै भय खावें ।
यम के दूत निकट नहिं आवें ॥

जो सधवा सुमिरें चित लाई ।
अछत सुहाग सदा सुखदाई ॥

घर वर सुख प्रद लहैं कुमारी ।
विधवा रहें सत्य व्रत धारी ॥

जयति जयति जगदम्ब भवानी ।
तुम सम और दयालु न दानी ॥

जो सदगुरु सों दीक्षा पावें ।
सो साधन को सफल बनावें ॥

सुमिरन करें सुरुचि बड़भागी ।
लहैं मनोरथ गृही विरागी ॥

अष्ट सिद्घि नवनिधि की दाता ।
सब समर्थ गायत्री माता ॥

ऋषि, मुनि, यती, तपस्वी, जोगी ।
आरत, अर्थी, चिंतित, भोगी ॥

जो जो शरण तुम्हारी आवें ।
सो सो मन वांछित फल पावें ॥

बल, बुद्घि, विघा, शील स्वभाऊ ।
धन वैभव यश तेज उछाऊ ॥

सकल बढ़ें उपजे सुख नाना ।
जो यह पाठ करै धरि ध्याना ॥

|| दोहा ||

यह चालीसा भक्तियुत, पाठ करे जो कोय ।
तापर कृपा प्रसन्नता, गायत्री की होय ॥

गायत्री चालीसा

Shri Gayatri Chalisa Lyrics in English – भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी

|| Gayatri Chalisa ||

|| Doha ||

He Shreem, Kleem, Medha, Prabha, Jeevan Jyoti Prachand.
Shanti, Kranti, Jagriti, Pragati, Rachna Shakti Akhand.
Jagat Janani, Mangal Karani, Gayatri Sukh Dhaam.
Pranavom Savitri, Swadha, Swaha, Purna Kaam.

|| Chaupai ||

Bhurbhuvah Swah, Om Yut Janani,
Gayatri Nit Kalimal Dahani.

Akshar Chaubis Param Punita,
Inmein Basen Shastra, Shruti, Geeta.

Shashwat Satoguni Saturupa,
Satya Sanatan Sudha Anupa.

Hansarudh Sitambar Dhari,
Swarnakanti Shuchi Gagan Bihari.

Pustak Pushp Kamandalu Mala,
Shubhra Varn Tanu Nayan Vishala.

Dhyan Dharat Pulakit Hiya Hoi,
Sukh Upjat, Dukh Durmati Khoi.

Kamadhenu Tum Sur Taru Chhaya,
Nirakar Ki Adbhut Maya.

Tumhari Sharan Gahai Jo Koi,
Tarai Sakal Sankat Son Soi.

Saraswati Lakshmi Tum Kali,
Dipai Tumhari Jyoti Nirali.

Tumhari Mahima Paran Pave,
Jo Sharad Shat Mukh Gun Gave.

Char Ved Ki Matu Punita,
Tum Brahmani Gauri Sita.

Mahamantra Jitne Jag Mahin,
Ko’u Gayatri Sam Nahin.

Sumirat Hiya Mein Gyan Prakasai,
Aalas Pap Avigha Nasai.

Srishti Beej Jag Janani Bhavani,
Kaala Ratri Varada Kalyani.

Brahma Vishnu Rudra Sur Jete,
Tum Son Pave Surata Tete.

Tum Bhaktan Ki Bhakt Tumhare,
Jananihin Putra Pran Te Pyare.

Mahima Aparampar Tumhari,
Jai Jai Jai Tripada Bhay Haari.

Purit Sakal Gyan Vigyana,
Tum Sam Adhik Na Jag Mein Aana.

Tumhin Janat Kachu Rahai Na Shesha,
Tumhin Pay Kachu Rahai Na Klesha.

Janat Tumhin, Tumhin Hai Jai,
Paras Parasi Kudhatu Suhaai.

Tumhari Shakti Dipai Sab Thaai,
Mata Tum Sab Thaur Samaai.

Grah Nakshatra Brahmanda Ghanere,
Sab Gativaan Tumhare Prere.

Sakal Srishti Ki Pran Vidhata,
Palak Poshak Nashak Traata.

Mateeshwari Daya Vrat Dhari,
Tum San Tare Pataki Bhari.

Jaapar Kripa Tumhari Hoi,
Taapar Kripa Karen Sab Koi.

Mand Budh Te Budhi Bal Pave,
Rogi Rog Rahit Hai Jave.

Darid Mitai Katai Sab Peera,
Nashai Dukh Harai Bhav Bheera.

Griha Kalesh Chit Chinta Bhari,
Nasai Gayatri Bhay Haari.

Santiti Hain Susantati Pave,
Sukh Sampatti Yut Mod Manaave.

Bhoot Pishach Sabai Bhay Khaave,
Yam Ke Doot Nikat Nahin Aave.

Jo Sadhava Sumiren Chit Laai,
Achhat Suhag Sada Sukhdaai.

Ghar Var Sukh Prad Lahain Kumari,
Vidhwa Rahein Satya Vrat Dhari.

Jayati Jayati Jagadamba Bhavani,
Tum Sam Aur Dayalu Na Dani.

Jo Sadguru Son Diksha Pave,
So Sadhan Ko Safal Banaave.

Sumiran Karen Suruchi Badbhagi,
Lahain Manorath Grihi Viragi.

Asht Siddhi Navnidhi Ki Data,
Sab Samarth Gayatri Mata.

Rishi, Muni, Yati, Tapasvi, Yogi,
Aarat, Arthi, Chintit, Bhogi.

Jo Jo Sharan Tumhari Aave,
So So Man Vanchit Phal Paave.

Bal, Budhi, Vigya, Shil Swabhav,
Dhan Vaibhav Yash Tej Uchaav.

Sakal Badhein Upje Sukh Nana,
Jo Yeh Paath Karai Dhari Dhyaana.

|| Doha ||

Yeh chaalisa bhaktiyut, paath kare jo koye.
Taapar kripa prasannata, Gayatri ki hoye

Shri Ram Stuti Lyrics in Hindi: श्री राम स्तुति – श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन

हिन्दू धार्मिक ग्रंथो के अनुसार बताया गया है कि श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti) का अर्थ होता है – भगवान श्री राम का स्मरण करना| कहा जाता है कि इस राम स्तुति के द्वारा भगवान श्री राम का स्मरण करने से मनुष्य की आत्मा तृप्त हो जाती है|

श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti) का जप भक्तों के मन को शांति प्रदान करता है| पुरानी कथाओं के अनुसार बताया गया है कि श्री राम स्तुति की रचना महाकवि तुलसीदास के द्वारा की गई थी|

प्रतिदिन भगवान श्री राम की इस राम स्तुति या इसे राम जी आरती भी कह सकते है, का जाप करने से भगवान श्री राम तथा साथ उनके प्रिय भक्त हनुमान जी भी हमसे प्रसन्न होते है|

श्री राम स्तुति

श्री राम स्तुति (Shri Ram Stuti) के साथ – साथ Hanuman Ji Ki Aarti तथा Hanuman Chalisa जैसे कई बड़े ग्रंथों की रचना भी महाकवि तुलसीदास जी के द्वारा ही की गई थी| अब आगे हम इस लेख के माध्यम से हम आपको 99Pandit के बारे में जानकारी देंगे|

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श्री राम स्तुति हिंदी में  – Shree Ram Stuti Lyrics In Hindi 

|| श्री राम स्तुति ||

श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन, हरण भवभय दारुणं ।
नव कंज लोचन कंज मुख, कर कंज पद कंजारुणं ॥१॥

कन्दर्प अगणित अमित छवि, नव नील नीरद सुन्दरं ।
पटपीत मानहुँ तड़ित रुचि शुचि, नौमि जनक सुतावरं ॥२॥

भजु दीनबंधु दिनेश दानव, दैत्य वंश निकन्दनं ।
रघुनन्द आनन्द कन्द कोशल, चन्द दशरथ नन्दनं ॥३॥

शिर मुकुट कुंडल तिलक, चारु उदारु अङ्ग विभूषणं ।
आजानु भुज शर चाप धर, संग्राम जित खरदूषणं ॥४॥

इति वदति तुलसीदास शंकर, शेष मुनि मन रंजनं ।
मम् हृदय कंज निवास कुरु, कामादि खलदल गंजनं ॥५॥

मन जाहि राच्यो मिलहि सो, वर सहज सुन्दर सांवरो ।
करुणा निधान सुजान शील, स्नेह जानत रावरो ॥६॥

एहि भांति गौरी असीस सुन सिय, सहित हिय हरषित अली।
तुलसी भवानिहि पूजी पुनि-पुनि, मुदित मन मन्दिर चली ॥७॥

जानी गौरी अनुकूल सिय, हिय हरषु न जाइ कहि ।
मंजुल मंगल मूल बाम, अङ्ग फरकन लगे।

|| सियावर रामचंद्र जी की जय ||

श्री राम स्तुति

Shree Ram Stuti Lyrics In English | भगवान राम जी की आरती 

|| Shree Ram Stuti ||

Shri Ramachandra Kripalu Bhajuman, Harana Bhava Bhaya Darunam ।
Navakanja Lochana Kanja Mukha, kara Kanja Pada Kanjaarunam ॥1॥

Kandarpa Aganita Amit Chhavi, Nav Neel Neerad Sundaram ।
Patapita Maanahum Tadita Ruchi Shuchi, Nomi Janaka Sutaavaram ॥2॥

Bhaju Deena Bandhu Dinesh Daanav, Daitya vansha Nikandanam ।
Raghunanda Aanand Kanda Kaushal, Chanda Dasharatha Nandanam ॥3॥

Shir Mukuta Kundala Tilaka, Charu Udaaru Anga Vibhooshanam ।
Aajanu Bhuja Shara Chaap dhara, Sangram-jita-kara Dooshanam ॥4॥

Iti Vadati Tulsidas Shankar, Shesh Muni Mana ranjanam ।
Mama Hridayakanja Niwas Kuru, Kamadi Khaladal Ganjanam ॥5॥

Manu Jaahin Raacheu Milihi so Baru, Sahaja Sundara Saanvaro ।
Karuna Nidhaan Sujaan Sheel, Sneha Jaanat Raavaro ॥6॥

Ehi Bhaanti Gauri Asees Suni Siya, Sahita Hiyan Harashit Ali ।
Tulsi Bhavanihi Pooji Puni Puni, Mudit Man Mandir Chali ॥7॥

Jaani Gauri Anukool, Siya Hiya Harashu Na Jaye Kaheen ।
Manjula Mangala Moola Vam, Anga Farkan Lage ।

|| Siyavar Ramchandra Ji Ki Jai ||

Dattachi Aarti Lyrics: भगवान दत्ताची जी की आरती

भगवान दत्ताची जी को प्रसन्न करने के लिए दत्ताची जी की आरती (Dattachi Aarti Lyrics) का जाप किया जाता है| माना जाता है कि जो भी भक्त इस दत्ताची जी की आरती का जाप करता है, उससे नकारात्मक शक्तियां दूर रहती है|

भगवान दत्ताची जी की आरती का सच्ची श्रद्धा से जाप करने से भक्तों को तत्काल रूप से फल की प्राप्ति होती है| भगवान दत्ताची जी की यह मराठी भाषा में है| इस आरती का नियमित रूप से जाप करने पर परिवार में सुख – समृद्धि बनी रहती है तथा भक्तों को पाप, रोग – दोषों से भी मुक्ति मिलती है तो आइये जाप करते है भगवान दत्ताची जी की आरती का|

दत्ताची जी की आरती

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भगवान दत्ताची जी की आरती मराठी में – Dattachi Aarti Lyrics in Marathi

|| दत्ताची जी की आरती ||

त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा ।
त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा ।
नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥
सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥

जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता ।
आरती ओवाळिता हरली भवचिंता ॥

सबाह्य अभ्यंतरी तू एक द्त्त ।
अभाग्यासी कैची कळेल हि मात ॥
पराही परतली तेथे कैचा हेत ।
जन्ममरणाचाही पुरलासे अंत ॥

दत्त येऊनिया ऊभा ठाकला ।
भावे साष्टांगेसी प्रणिपात केला ॥
प्रसन्न होऊनि आशीर्वाद दिधला ।
जन्ममरणाचा फेरा चुकवीला ॥

दत्त दत्त ऐसें लागले ध्यान ।
हरपले मन झाले उन्मन ॥
मी तू पणाची झाली बोळवण ।
एका जनार्दनी श्रीदत्तध्यान ॥

दत्ताची जी की आरती

Dattachi Aarti Lyrics in English – जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता

|| Dattachi Aarti ||

Trigunatmak traimurtee Datt ha jaana.
Triguni avatar trailokya raana.
Netti netti shabd na ye anumana.
Survar munijan yogi samaadhi na ye dhyaana.

Jai dev jai dev jai Shri Gurudatta.
Aarati ovaalita harli bhavchinta.

Sabaahya abhyantar tu ek Datta,
Abhaagyaasi kaichi kalel hi maat.
Paraahi partali tethe kaicha het,
Janmamaranaachaahi purlase ant.

Datt yeuniya ubha thakla,
Bhaave saashtaangesi pranipaata kela.
Prasann hooni aashirvaad didhla,
Janmamaranaacha fera chukavila.

Datt datt aise lagale dhyaan.
Harpale man Jhaale unman.
Mi tu panaachi jhaali bolwana.
Eka janaardhani Shri Dattadhyaan.

Ahoi Mata ki Aarti Lyrics: अहोई माता की आरती हिंदी में

Ahoi Mata Ki Aarti Lyrics: अहोई माता की आरती का जाप अहोई माता को प्रसन्न करने के लिए ही किया जाता है| कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी के रूप में मनाया है| इस तिथि के दिन अहोई माता की पूजा के साथ – साथ उनकी अहोई माता की आरती (Ahoi Mata Ki Aarti Lyrics) करना भी जातकों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है|

सभी महिलाएं इस दिन उपवास रखकर भगवान शिव तथा माता पार्वती के साथ – साथ अहोई माता की पूजा करते हुए अपने बच्चों की लम्बी उम्र के लिए उनसे प्रार्थना करती है| जो भी महिला इस दिन पूजा करने के पश्चात अहोई माता की आरती (Ahoi Mata Ki Aarti Lyrics) का जाप करती है, उन्हें माता की असीम कृपा प्राप्त होती है| आइये जानते है अहोई माता की आरती (Ahoi Mata Ki Aarti Lyrics) के बारे में|

अहोई माता की आरती

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अहोई माता की आरती – Ahoi Mata Aarti Lyrics in Hindi

|| अहोई माता की आरती ||

जय अहोई माता,
जय अहोई माता ।
तुमको निसदिन ध्यावत,
हर विष्णु विधाता ॥
ॐ जय अहोई माता ॥

ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला,
तू ही है जगमाता ।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,
नारद ऋषि गाता ॥
ॐ जय अहोई माता ॥

माता रूप निरंजन,
सुख-सम्पत्ति दाता ।
जो कोई तुमको ध्यावत,
नित मंगल पाता ॥
ॐ जय अहोई माता ॥

तू ही पाताल बसंती,
तू ही है शुभदाता ।
कर्म-प्रभाव प्रकाशक,
जगनिधि से त्राता ॥
ॐ जय अहोई माता ॥

जिस घर थारो वासा,
वाहि में गुण आता ।
कर न सके सोई कर ले,
मन नहीं घबराता ॥
ॐ जय अहोई माता ॥

तुम बिन सुख न होवे,
न कोई पुत्र पाता ।
खान-पान का वैभव,
तुम बिन नहीं आता ॥
ॐ जय अहोई माता ॥

शुभ गुण सुंदर युक्ता,
क्षीर निधि जाता ।
रतन चतुर्दश तोकू,
कोई नहीं पाता ॥
ॐ जय अहोई माता ॥

श्री अहोई माँ की आरती,
जो कोई गाता ।
उर उमंग अति उपजे,
पाप उतर जाता ॥

ॐ जय अहोई माता,
मैया जय अहोई माता ।

अहोई माता की आरती

Ahoi Mata Ki Aarti Lyrics in English – ॐ जय अहोई माता

|| Ahoi Mata Ki Aarti ||

Jai Ahoi Mata,
Jai Ahoi Mata.
Tumko nisdin dhyaavat,
Har Vishnu vidhata.
Om Jai Ahoi Mata.

Brahmani, Rudrani, Kamala,
Tu hi hai jagamata.
Surya-chandra dhyaavat,
Narad Rishi gaata.
Om Jai Ahoi Mata.

Mata roop niranjana,
Sukh-sampatti daata.
Jo koi tumko dhyaavat,
Nit mangal paata.
Om Jai Ahoi Mata.

Tu hi paataal basanti,
Tu hi hai shubhdaata.
Karm-prabhav prakaashak,
Jagannidhi se traata.
Om Jai Ahoi Mata.

Jis ghar thaaro vaasa,
Vaahi mein gun aata.
Kar na sake soi kar le,
Man nahin ghabraata.
Om Jai Ahoi Mata.

Tum bin sukh na hove,
Na koi putra paata.
Khaan-paan ka vaibhav,
Tum bin nahin aata.
Om Jai Ahoi Mata.

Shubh gun sundar yukta,
Ksheer nidhi jaata.
Ratan chaturdash toku,
Koi nahin paata.
Om Jai Ahoi Mata.

Shri Ahoi Maa ki aarti,
Jo koi gaata.
Ur umang ati upaje,
Paap utar jaata.

Om Jai Ahoi Mata,
Maiyya Jai Ahoi Mata

Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi: माता लक्ष्मी जी की आरती हिंदी में

Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi: माता लक्ष्मी को धन – संपत्ति तथा सौभाग्य की देवी माना जाता है| आज हम इन्ही माता लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi) के बारें में जानेंगे| माता लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी है जो कि इस सम्पूर्ण सृष्टि के पालनकर्ता है| माना जाता है कि माँ लक्ष्मी समुन्द्र मंथन के समय प्रकट हुई थी| भगवान विष्णु को लक्ष्मी माता ने ही स्वयं पति के रूप में चुना था|

माना जाता है कि माता लक्ष्मी की पूजा करने के पश्चात लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi) की जाती है| धार्मिक ग्रंथों की मान्यताओं के अनुसार ही इस व्रत तथा त्योहारों के अलावा भी सुबह – शाम माता लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi) करनी चाहिए| यदि प्रतिदिन नहीं को सके तो गुरुवार तथा शुक्रवार के दिन भी माता लक्ष्मी जी की आरती की जा सकती है|

Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi

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कैसे करे लक्ष्मी जी की आरती – Lakshmi Ji Ki Aarti Kaise Kare

माना जाता है कि लक्ष्मी जी की आरती में कुल 16 पंक्तियाँ होती है| पौराणिक मान्याताओं के अनुसार माता लक्ष्मी को शक्ति तत्व माना जाता है| इसलिए लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi) को ऊंची राग के साथ माध्यम स्वर तथा माध्यम वेग में गाने की सलाह दी जाती है|

माँ लक्ष्मी जी की आरती का उच्चारण सही रूप से किया जाना चाहिए| लक्ष्मी जी आरती के लिए  शुद्ध कपास यानि रुई से बनी हुई घी की बत्ती होनी चाहिए| लक्ष्मी जी आरती के समय तेल से बनी हुई बत्तियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए|

कपूर की सहायता से भी माँ लक्ष्मी जी की आरती (Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi) की जाती है| आरती के लिए बत्तियों की संख्या एक, पांच, नौ, ग्यारह या इक्कीस मानी जाती है| लक्ष्मी जी की आरती को घडी की दिशा में ही सही तरीके से होनी चाहिए|

लक्ष्मी जी की आरती करने से पहले पढ़े यह मंत्र – Mantra Before Lakshmi Ji Ki Aarti

या श्री: स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मी:
पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धि:।

श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा
तां त्वां नता: स्म परिपालय देवि विश्वम्॥

लक्ष्मी जी की आरती – Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi

|| लक्ष्मी जी की आरती || 

महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि ।
हरि प्रिये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं दयानिधे ॥

पद्मालये नमस्तुभ्यं,नमस्तुभ्यं च सर्वदे ।
सर्वभूत हितार्थाय,वसु सृष्टिं सदा कुरुं ॥ 

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥

ॐ जय लक्ष्मी माता॥

Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi

Lakshmi Ji Ki Aarti Lyrics in English – ॐ जय लक्ष्मी माता

|| Lakshmi Ji Ki Aarti ||

Mahalaxmi Namastubhyam, Namastubhyam Sureshwari.
Hari priye Namastubhyam, Namastubhyam Dayanidhe.

Padmaalaye namastubhyam, namastubhyam cha sarvade.
Sarvabhoot hitaarthaay, vasu srishtim sada kurun.

Om Jai Lakshmi Mata, Maiya Jai Lakshmi Mata.
Tumko nishidin sevat, Hari Vishnu vidhata.

Om Jai Lakshmi Mata.

Uma, Rama, Brahmani, tum hi jag-maata.
Surya-chandrama dhyavat, Narad rishi gaata.

Om Jai Lakshmi Mata.

Durga roop niranjani, sukh sampatti data.
Jo koi tumko dhyavat, riddhi-siddhi dhan paata.

Om Jai Lakshmi Mata.

Tum paatal-nivasini, tum hi shubhdata.
Karma-prabhav-prakashini, bhavanidhi ki traata.

Om Jai Lakshmi Mata.

Jis ghar mein tum rahti, sab sadgun aata.
Sab sambhav ho jata, man nahi ghabrata.

Om Jai Lakshmi Mata.

Tum bin yajna na hote, vastra na koi paata.
Khan-paan ka vaibhav, sab tumse aata.

Om Jai Lakshmi Mata.

Shubh-gun mandir sundar, kshirodadhi-jaata.
Ratna chaturdasha tum bin, koi nahi paata.

Om Jai Lakshmi Mata.

Mahalaxmiji ki aarti, jo koi jan gaata.
Ur anand samata, paap utar jata.

Om Jai Lakshmi Mata.

Saraswati Aarti Lyrics in Hindi: माँ सरस्वती जी की आरती

Saraswati Aarti Lyrics in Hindi: सरस्वती जी की आरती का जाप माता सरस्वती जी को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका माना जाता है| इस आरती का जाप मनुष्य को बुद्धि प्रदान करता है क्योंकि माता सरस्वती को विद्या की देवी भी कहा जाता है|

सरस्वती माता की जो भी भक्त सच्चे मन से प्रार्थना करता है, माता उससे प्रसन्न होकर उसे अपना आशीर्वाद अवश्य प्रदान करती है| वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की विशेष रूप से पूजा की जाती है| इस दिन पूजा के पश्चात माता सरस्वती चालीसा तथा माँ सरस्वती जी की आरती [Saraswati Aarti Lyrics in Hindi] का जाप करना बहुत ही शुभ माना जाता है|

सरस्वती आरती

पौराणिक कथा की मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि जिस स्थान पर भी माता सरस्वती विद्यमान होती है| उस स्थान पर स्वयं ही माँ लक्ष्मी जी भी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होती है| माना जाता है कि सरस्वती माता की पूजा करने से जातक को सभी प्रकार की परेशानियों से मुक्ति मिलती है एवं उसको विद्या, बुद्धि, सुख व समृद्धि की प्राप्ति होती है|

इसके साथ ही जातक अपने सभी कार्यों व कारोबार में सफलता प्राप्त होती है| यदि आप भी माता सरस्वती की असीम कृपा पाने चाहते है तो आपको पूर्ण श्रद्धा के साथ माँ सरस्वती जी की आरती का जाप करना चाहिए|

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Saraswati Aarti Lyrics in Hindi – सरस्वती माता जी की आरती

|| सरस्वती आरती ||

जय सरस्वती माता,
मैया जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता…॥

चन्द्रवदनि पद्मासिनि,
द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी,
अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता…॥

बाएं कर में वीणा,
दाएं कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे,
गल मोतियन माला ॥
जय जय सरस्वती माता…॥

देवी शरण जो आए,
उनका उद्धार किया ।
पैठी मंथरा दासी,
रावण संहार किया ॥
जय जय सरस्वती माता…॥

विद्या ज्ञान प्रदायिनि,
ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का,
जग से नाश करो ॥
जय जय सरस्वती माता…॥

धूप दीप फल मेवा,
माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता,
जग निस्तार करो ॥
॥ जय सरस्वती माता…॥

माँ सरस्वती की आरती,
जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी,
ज्ञान भक्ति पावे ॥

जय सरस्वती माता,
जय जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥

सरस्वती आरती

Saraswati Aarti Lyrics in English – जय जय सरस्वती माता

|| Saraswati Chalisa ||

Jai Saraswati Mata,
Maiyya Jai Saraswati Mata.
Sadgun Vaibhav Shalini,
Tribhuvan Vikhyata.
Jai Jai Saraswati Mata…

Chandravadani Padmasini,
Dyuti Mangalkari.
Sohe Shubh Hans Sawari,
Atul Tejadhari.
Jai Jai Saraswati Mata…

Baayein Kar Mein Veena,
Daayein Kar Mala.
Sheesh Mukut Mani Sohe,
Gal Motiyan Mala.
Jai Jai Saraswati Mata…

Devi Sharan Jo Aaye,
Unka Uddhar Kiya.
Paithi Manthara Daasi,
Ravan Sanhar Kiya.
Jai Jai Saraswati Mata…

Vidya Gyan Pradayini,
Gyan Prakash Bharo.
Moh Ajnan Aur Timir Ka,
Jag Se Nash Karo.
Jai Jai Saraswati Mata…

Dhoop Deep Phal Mewa,
Maa Swikar Karo.
Gyan Chakshu De Maa,
Jag Nistaar Karo.
Jai Saraswati Mata…

Maa Saraswati Ki Aarti,
Jo Koi Jan Gaave.
Hitkari Sukhkari,
Gyan Bhakti Paave.

Jai Saraswati Mata,
Jai Jai Saraswati Mata.
Sadgun Vaibhav Shalini,
Tribhuvan Vikhyata.

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali lyrics: काली माता की आरती

काली माता की आरती (Kali Mata Ki Aarti) को हिन्दू धर्म के लोगों के द्वारा घर की सुख – शांति को बनाएं रखने के लिए किया जाता है| ऐसे तो काली माता की आरती (Kali Mata Ki Aarti) प्रत्येक दिन उनकी पूजा करने के बाद की जा सकती है|

लेकिन दीपावली के त्यौहार के दौरान कोलकाता, पश्चिम बंगाल, असम, झारखण्ड और उड़ीसा में अमावस्या के दिन सभी लोग काली माता की पूजा तथा काली माता की आरती (Kali Mata Ki Aarti) करतें है| काली माता की आरती – Ambe Tu Hai Jagdambe Kali का नियमित रूप से पूजा के पश्चात जाप करने से काली माता प्रसन्न होती है|

काली माता की आरती

काली पूजा 2023 (Kali Puja 2024) का यह पावन त्यौहार प्रत्येक वर्ष नवंबर के महीने में ही आता है| इस समय काली माता की पूजा करने के पश्चात काली माता की आरती करना बहुत ही शुभ माना जाता है|

काली माता की आरती का उच्चारण भक्तों के द्वारा घरों अथवा मंदिरों में किया जाता है| प्राचीन कथाओं के अनुसार माँ काली को प्रसन्न करने के काली माता की आरती (Kali Mata Ki Aarti) का जाप करने की सलाह दी जाती है| अब हम इस लेख के माध्यम से हम आपको 99Pandit के बारे में जानकारी देंगे|

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काली माता की आरती  – Ambe Tu Hai Jagdambe Kali Aarti Lyrics In Hindi

|| काली माता की आरती ||

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥

तेरे भक्त जनो पर,
भीड़ पड़ी है भारी माँ ।
दानव दल पर टूट पडो,
माँ करके सिंह सवारी ।
सौ-सौ सिंहो से बलशाली,
अष्ट भुजाओं वाली,
दुष्टो को पलमे संहारती ।
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥

माँ बेटे का है इस जग में,
बड़ा ही निर्मल नाता ।
पूत – कपूत सुने है पर न,
माता सुनी कुमाता ॥
सब पे करुणा दरसाने वाली,
अमृत बरसाने वाली,
दुखियों के दुखडे निवारती ।
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥

नहीं मांगते धन और दौलत,
न चांदी न सोना मां ।
हम तो मांगे मां तेरे मन में,
इक छोटा सा कोना ॥
सबकी बिगडी बनाने वाली,
लाज बचाने वाली,
सतियों के सत को संवारती ।
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाये भारती,
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥

चरण शरण मे खडे तुम्हारी,
ले पूजा की थाली ।
वरद हस्त सर पर रख दो,
मॉ संकट हरने वाली ।
मॉ भर दो भक्ति रस प्याली,
अष्ट भुजाओं वाली,
भक्तों के कारज तू ही सारती ।
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली ।
तेरे ही गुण गाए भारती,
ओ मैया हम सब उतारे, तेरी आरती ॥

काली माता की आरती

Kali Mata Ki Aarti in English – अम्बे तू है जगदम्बे काली

|| Kali Mata Ki Aarti ||

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali,
Jai Durge Khappar Wali |
Tere Hi Gun Gaaye Bharati,
O Maiya, Hum Sab Utare Teri Aarti ||

Tere Bhakt Janon Par,
Bhid Padi Hai Bhari Maa |
Daanav Dal Par Toot Pado,
Maa Karke Singh Sawari |
So-So Singho Se Bhi Balshali,
Asht Bhujao Wali,
Dusthon Ko Pal Mein Sangharti |
O Maiya, Hum Sab Utare Teri Aarti ||

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali,
Jai Durge Khappar Wali |
Tere Hi Gun Gaaye Bharati,
O Maiya, Hum Sab Utare Teri Aarti ||

Maa Bete Ka Hai Is Jag Mein,
Bada Nirmal Nata |
Poot Kaput Sune Hai Par Na,
Mata Suni Kumata ||
Sab Par Karuna Darshane Wali,
Amrit Barsane Wali
Dhkhiyon Ke Dukhdae Nivarti |
O Maiya, Hum Sab Utare Teri Aarti ||

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali,
Jai Durge Khappar Wali |
Tere Hi Gun Gaaye Bharati,
O Maiya, Hum Sab Utare Teri Aarti ||

Nahi Mangte Dhan Aur Daulat,
Na Chaandi Na Sona Maa ।
Hum To Maangey Maa Tere Man Mein,
Ek Chota Sa Kona ॥
Sabki Bigdi Banane Wali,
Laaj Bachane Wali,
Satiyo Ke Sat Ko Sanvarti ।
O Maiya, Hum Sab Utare Teri Aarti ॥

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali,
Jai Durge Khappar Wali |
Tere Hi Gun Gaaye Bharati,
O Maiya, Hum Sab Utare Teri Aarti ||

Charan Sharan Me Khade Tumhari,
Le Puja Ki Thali |
Varad Hast Sir Par Rakhdo,
Maa Sankat Harne Wali ||
Maa Bhar Do Bhakti Ras Pyali,
Asth Bhujaon Wali,
Bhakton Ke Karaj Tu Hi Saarti |
O Maiya, Hum Sab Utare Teri Aarti ||

Ambe Tu Hai Jagdambe Kali,
Jai Durge Khappar Wali |
Tere Hi Gun Gaaye Bharati,
O Maiya, Hum Sab Utare Teri Aarti ||

Aarti Shri Ramayan Ji Ki Lyrics: रामायण जी की आरती हिंदी में

हिंदू धर्म में मान्यता है कि जिस स्थान पर भगवान श्री राम की पूजा की जाती है, उस स्थान पर रामायण जी की आरती (Ramayan Ji Ki Aarti) करने से भगवान श्री राम एवं माता सीता के साथ – साथ भगवान हनुमान जी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है|

महर्षि वाल्मीकि जी के द्वारा रचित रामायण एवं रामचरितमानस का जाप करने से पूर्ण रामायण जी की पूजा व आरती का जाप करना अनिवार्य होता है| कहा जाता है कि रामायण जी की आरती करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है एवं हृदय को शांति भी मिलती है तो आइये जाप करते है इस रामायण जी की आरती का हिंदी में|

रामायण जी की आरती

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रामायण जी की आरती – Ramayan Ji Ki Aarti in Hindi

|| रामायण जी की आरती ||

आरती श्री रामायण जी की ।
कीरति कलित ललित सिय पी की ॥
गावत ब्रहमादिक मुनि नारद ।
बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥
शुक सनकादिक शेष अरु शारद ।
बरनि पवनसुत कीरति नीकी ॥
॥ आरती श्री रामायण जी की..॥

गावत बेद पुरान अष्टदस ।
छओं शास्त्र सब ग्रंथन को रस ॥
मुनि जन धन संतान को सरबस ।
सार अंश सम्मत सब ही की ॥
॥ आरती श्री रामायण जी की..॥

गावत संतत शंभु भवानी ।
अरु घटसंभव मुनि बिग्यानी ॥
ब्यास आदि कबिबर्ज बखानी ।
कागभुशुंडि गरुड़ के ही की ॥
॥ आरती श्री रामायण जी की..॥

कलिमल हरनि बिषय रस फीकी ।
सुभग सिंगार मुक्ति जुबती की ॥
दलनि रोग भव मूरि अमी की ।
तात मातु सब बिधि तुलसी की ॥

आरती श्री रामायण जी की ।
कीरति कलित ललित सिय पी की ॥

रामायण जी की आरती

Ramayan Ji Ki Aarti in English: आरती श्री रामायण जी की

|| Ramayan Ji Ki Aarti ||

Aarti Shri Ramayan Ji Ki ।
Keerti kalit lalit Sia Pi ki ।।
Gaavat Brahmadik muni Narad ।
Valmiki vigyaan bisarad ।।
Shuk Sanakadik Shesh aru Sharad ।
Barani Pavansut keerti neeki ।।
Aarti Shri Ramayan Ji ki…।।

Gaavat Ved Puran Ashtadas ।
Chhao Shastra sab granthon ko ras ।।
Muni jan dhan santan ko sarbas ।
Saar ansh sammat sab hi ki ।।
Aarti Shri Ramayan Ji ki…।।

Gaavat santat Shambhu Bhavani ।
Aru Ghatsambhav muni vigyaani ।।
Vyas adi kabivarj bakhaani ।
Kagbhushundi Garud ke hi ki ।।
Aarti Shri Ramayan Ji ki…।।

Kalimal harani vishay ras feeki ।
Subhag singar mukti jubati ki ।।

Dalani rog bhav moori ami ki ।
Taat maat sab vidhi Tulsi ki ।।

Aarti Shri Ramayan Ji ki ।
Keerti kalit lalit Sia Pi ki ।।