Radha Chalisa : श्री राधा चालीसा – जय वृषभान कुंवारी श्री श्यामा

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार राधा चालीसा [Radha Chalisa] का पूर्ण श्रद्धा के साथ पाठ करने से व्यक्ति के सौभाग्य में वृद्धि होती है| माँ राधा रानी की पूजा करने तथा इस राधा चालीसा [Radha Chalisa] का जाप करने से बुद्धि, बल, धन, ज्ञान तथा विवेक की प्राप्ति होती है| इस राधा चालीसा [Radha Chalisa] का पाठ करने से व्यक्ति पर माता राधा देवी की कृपा बनी रहती है, जिससे वह व्यक्ति अपने जीवन में तरक्की करता है व धनवान भी बनता है| राधा चालीसा [Radha Chalisa] का पाठ करने से राधा रानी अपने भक्त पर किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं आने देती है तथा उसे एक सुखी जीवन प्रदान करती है|

राधा चालीसा

यह राधा चालीसा [Radha Chalisa] का पाठ ना केवल भक्तों के कष्टों को दूर करता है बल्कि उन्हें तेजस्वी भी बनाता है|हिन्दू धर्म में राधा रानी को भगवान श्री कृष्ण की प्रेमिका के रूप पहचाना तथा पूजा जाता है| माना जाता है कि जो भी राधा चालीसा [Radha Chalisa] का जाप करता है, उस व्यक्ति पर हमेशा ही राधा रानी की अपनी अपार कृपा बरसाती है| राधा चालीसा [Radha Chalisa] का पाठ करने से सुख, समृद्धि तथा सौभाग्य की प्राप्ति होती है| इसके प्रभाव से राधा – रानी के भक्तों को हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होने लगती है|

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श्री राधा चालीसा हिंदी में | Radha Chalisa Lyrics In Hindi

|| राधा चालीसा ||

|| दोहा ||

श्री राधे वृषभानुजा,
भक्तनि प्राणाधार ।
वृन्दाविपिन विहारिणी,
प्रानावौ बारम्बार ॥

जैसो तैसो रावरौ,
कृष्ण प्रिया सुखधाम ।
चरण शरण निज दीजिये,
सुन्दर सुखद ललाम ॥

|| चौपाई ||

जय वृषभान कुंवारी श्री श्यामा ।
कीरति नंदिनी शोभा धामा ॥

नित्य विहारिणी श्याम अधर ।
अमित बोध मंगल दातार ॥

रास विहारिणी रस विस्तारिन ।
सहचरी सुभाग यूथ मन भावनी ॥

नित्य किशोरी राधा गोरी ।
श्याम प्राण धन अति जिया भोरी ॥

करुना सागरी हिय उमंगिनी ।
ललितादिक सखियाँ की संगनी ॥

दिनकर कन्या कूल विहारिणी ।
कृष्ण प्रण प्रिय हिय हुल्सवानी ॥

नित्य श्याम तुम्हारो गुण गावें ।
श्री राधा राधा कही हर्शवाहीं ॥

मुरली में नित नाम उचारें ।
तुम कारण लीला वपु धरें ॥

प्रेमा स्वरूपिणी अति सुकुमारी ।
श्याम प्रिय वृषभानु दुलारी ॥

नावाला किशोरी अति चाबी धामा ।
द्युति लघु लाग कोटि रति कामा ॥

गौरांगी शशि निंदक वदना ।
सुभाग चपल अनियारे नैना ॥

जावक यूथ पद पंकज चरण ।
नूपुर ध्वनी प्रीतम मन हारना ॥

सन्तता सहचरी सेवा करहीं ।
महा मोड़ मंगल मन भरहीं ॥

रसिकन जीवन प्रण अधर ।
राधा नाम सकल सुख सारा ॥

अगम अगोचर नित्य स्वरूप ।
ध्यान धरत निशिदिन ब्रजभूपा ॥

उप्जेऊ जासु अंश गुण खानी ।
कोटिन उमा राम ब्रह्मणि ॥

नित्य धाम गोलोक बिहारिनी ।
जन रक्षक दुःख दोष नासवानी ॥

शिव अज मुनि सनकादिक नारद ।
पार न पायं सेष अरु शरद ॥

राधा शुभ गुण रूपा उजारी ।
निरखि प्रसन्ना हॉट बनवारी ॥

ब्रज जीवन धन राधा रानी ।
महिमा अमित न जय बखानी ॥

प्रीतम संग दिए गल बाहीं ।
बिहारता नित वृन्दावन माहीं ॥

राधा कृष्ण कृष्ण है राधा ।
एक रूप दौऊ -प्रीती अगाधा ॥

श्री राधा मोहन मन हरनी ।
जन सुख प्रदा प्रफुल्लित बदानी ॥

कोटिक रूप धरे नन्द नंदा ।
दरश कारन हित गोकुल चंदा ॥

रास केलि कर तुम्हें रिझावें ।
मान करो जब अति दुःख पावें ॥

प्रफ्फुल्लित होठ दरश जब पावें ।
विविध भांति नित विनय सुनावें ॥

वृन्दरंन्य विहारिन्नी श्याम ।
नाम लेथ पूरण सब कम ॥

कोटिन यज्ञ तपस्या करुहू ।
विविध नेम व्रत हिय में धरहु ॥

तू न श्याम भक्ताही अपनावें ।
जब लगी नाम न राधा गावें ॥

वृंदा विपिन स्वामिनी राधा ।
लीला वपु तुवा अमित अगाध ॥

स्वयं कृष्ण नहीं पावहीं पारा ।
और तुम्हें को जननी हारा ॥

श्रीराधा रस प्रीती अभेद ।
सादर गान करत नित वेदा ॥

राधा त्यागी कृष्ण को भाजिहैं ।
ते सपनेहूं जग जलधि न तरिहैं ॥

कीरति कुमारी लाडली राधा ।
सुमिरत सकल मिटहिं भाव बड़ा ॥

नाम अमंगल मूल नासवानी ।
विविध ताप हर हरी मन भवानी ॥

राधा नाम ले जो कोई ।
सहजही दामोदर वश होई ॥

राधा नाम परम सुखदायी ।
सहजहिं कृपा करें यदुराई ॥

यदुपति नंदन पीछे फिरिहैन ।
जो कौउ राधा नाम सुमिरिहैन ॥

रास विहारिणी श्यामा प्यारी ।
करुहू कृपा बरसाने वारि ॥

वृन्दावन है शरण तुम्हारी ।
जय जय जय व्र्शभाणु दुलारी ॥

॥ दोहा ॥

श्री राधा सर्वेश्वरी,
रसिकेश्वर धनश्याम ।
करहूँ निरंतर बास मै,
श्री वृन्दावन धाम ॥

॥ इति श्री राधा चालीसा ॥

राधा चालीसा

Radha Chalisa Lyrics In English | Jai Vrishbhan Kunwari Shri Shyama

|| Radha Chalisa ||

|| Doha ||

Shri Radhe Vrishbhanuja,
Bhaktani Pranadhara.
Vrindavipin Viharini,
Pranavau Barambar.

Jaiso Taiso Ravarau,
Krishna Priya Sukh-Dhama.
Charan Sharan Nij Dijiye,
Sundar Sukhad Lalama.

|| Chaupai ||

Jai Vrishbhan Kunwari Shri Shyama.
Kirti Nandini Shobha Dhama.

Nitya Viharini Shyam Adhara.
Amit Bodh Mangal Dataar.

Raas Viharini Ras Vistarine.
Sahachari Subhaga Youth Man Bhavani.

Nitya Kishori Radha Gori.
Shyam Pran Dhan Ati Jiya Bhori.

Karuna Sagari Hiya Umangini.
Lalitadik Sakhiyaan Ki Sangini.

Dinakar Kanya Kool Viharini.
Krishna Prana Priya Hi Hulsavani.

Nitya Shyam Tumhara Gun Gaavein.
Shri Radha Radha Kahi Harshavahi.

Murali Mein Nit Naam Ucharen.
Tum Karan Leela Vapu Dharen.

Prema Swarupini Ati Sukumari.
Shyam Priya Vrishbhan Dulhari.

Navala Kishori Ati Chaabi Dhama.
Dyuti Laghu Laag Koti Rati Kaama.

Gaurangi Shashi Nindak Vadana.
Subhaga Chapal Aniyare Naina.

Jaavak Youth Pad Pankaj Charan.
Nupur Dhvani Preetam Man Harana.

Santata Sahachari Seva Karahi.
Maha Mod Mangal Man Bharahi.

Rasikan Jivan Pran Adhara.
Radha Naam Sakal Sukh Sara.

Agam Agocar Nitya Swarup.
Dhyan Dharat Nishidin Braj Bhupa.

Upjeu Jaasu Ansh Gun Khani.
Kotin Uma Ram Brahmani.

Nitya Dham Golok Biharini.
Jan Rakshak Dukh Dosh Nasavani.

Shiv Aja Muni Sanakadi Narad.
Par Na Paye Sesh Aru Sharad.

Radha Shubh Gun Rupa Ujari.
Nirakhi Prasanna Hot Banavari.

Braj Jivan Dhan Radha Rani.
Mahima Amit Na Jay Bakhanai.

Preetam Sang Diye Gal Baahi.
Bihara Ta Nit Vrindavan Maahi.

Radha Krishna Krishna Hai Radha.
Ek Roop Dau -Priti Agadha.

Shri Radha Mohan Man Harani.
Jan Sukh Prada Prapullit Badani.

Kotik Roop Dhare Nand Nanda.
Darash Karan Hit Gokul Chanda.

Raas Keli Kar Tumhe Rizhaven.
Maan Karo Jab Ati Dukh Paven.

Praphullit Hoath Darsh Jab Paven.
Vividh Bhanti Nit Vinay Sunaven.

Vrindaranya Viharinni Shyama.
Naam Leti Puran Sab Kam.

Kotin Yajna Tapasya Karuho.
Vividh Nem Vrat Hiye Mein Dharahu.

Tu Na Shyam Bhaktaahi Apnaven.
Jab Lagi Naam Na Radha Gaven.

Vrindavan Vipin Swamini Radha.
Leela Vapu Tva Amit Agadha.

Swayam Krishna Nahin Paven Para.
Aur Tumhe Ko Janani Hara.

Shri Radha Ras Preeti Abhed.
Sadar Gaan Karat Nit Veda.

Radha Tyagi Krishna Ko Bhajihain.
Te Sapnehu Jag Jaladhi Na Tarahain.

Keerti Kumari Laadli Radha.
Sumirat Sakal Mitahin Bhav Bada.

Naam Amangal Mul Nasavani.
Vividh Tap Har Hari Man Bhavani.

Radha Naam Le Jo Koi.
Sahajahi Damodar Vash Hoi.

Radha Naam Param Sukhdai.
Sahajhin Kripa Karen Yadurayi.

Yadupati Nandan Peeche Phirein.
Jo Kaun Radha Naam Sumirein.

Raas Viharini Shyama Pyari.
Karuhu Kripa Barsane Vari.

Vrindavan Hai Sharan Tumhari.
Jai Jai Jai Vrishbhan Dulhari.

|| Doha ||

Shri Radha Sarveshwari,
Rasikeshwar Ghanshyam.
Karahun Nirantar Baas Mai,
Shri Vrindavan Dham.

Bhaye Pragat Kripala Lyrics : भए प्रगट कृपाला दीन दयाला भजन

यह भगवान श्री राम का सबसे प्रिय भजन माना जाता है| इस भजन भए प्रगट कृपाला की रचना स्वामी तुलसीदास जी ने की थी| यह भजन भगवान श्री राम जी के भूलोक पर आगमन की एक सुन्दर अनुभूति को दर्शाता है| इस भजन भए प्रगट कृपाला भजन अधिकतर नवजात शिशु बधाई तथा जन्मदिन जैसे शुभ अवसरों पर गाया जाता है| भगवान श्री राम के इस भजन को सुनने के पश्चात व्यक्ति इस भजन के अलावा कुछ और सुनना पसंद नहीं करता है| तो आइये जानते है इस श्री राम भजन के बारे में|

भए प्रगट कृपाला

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श्री राम भजन | Bhaye Pragat Kripala Lyrics In Hindi

|| छंद ||

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,
कौसल्या हितकारी ।
हरषित महतारी, मुनि मन हारी,
अद्भुत रूप बिचारी ॥

लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा,
निज आयुध भुजचारी ।
भूषन बनमाला, नयन बिसाला,
सोभासिंधु खरारी ॥

कह दुइ कर जोरी, अस्तुति तोरी,
केहि बिधि करूं अनंता ।
माया गुन ग्यानातीत अमाना,
वेद पुरान भनंता ॥

करुना सुख सागर, सब गुन आगर,
जेहि गावहिं श्रुति संता ।
सो मम हित लागी, जन अनुरागी,
भए उ प्रगट श्रीकंता ॥

ब्रह्मांड निकाया, निर्मित माया,
रोम रोम प्रति बेद कहै ।
मम उर सो बासी, यह उपहासी,
सुनत धीर मति थिर न रहै ॥

उपजा जब ग्याना, प्रभु मुसुकाना,
चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै ।
कहि कथा सुहाई, मातु बुझाई,
जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै ॥

माता पुनि बोली, सो मति डोली,
तजहु तात यह रूपा ।
कीजै सिसुलीला, अति प्रियसीला,
यह सुख परम अनूपा ॥

सुनि बचन सुजाना, रोदन ठाना,
होइ बालक सुरभूपा ।
यह चरित जे गावहिं, हरिपद पावहिं,
ते न परहिं भवकूपा ॥

|| दोहा ||

बिप्र धेनु सुर संत हित,
लीन्ह मनुज अवतार ।
निज इच्छा निर्मित तनु,
माया गुन गो पार ॥

भए प्रगट कृपाला

Bhaye Pragat Kripala Lyrics In English | भए प्रगट कृपाला दीनदयाला

|| Chhand ||

Bhaaye pragat kripala deen-dayaala,
Kausalya hitkaari.
Harshit mahataari, muni man haari,
Adbhut roop bichaari.

Lochan abhiraama, tanu ghanasyaama,
Nij aayudh bhujachaari.
Bhushan banmaala, nayan bisaala,
Sobhasindhu kharaari.

Kah dui kar jori, astuti tori,
Kehi biddhi karoon anantaa.
Maya gun gyaanateet amanaa,
Ved puraan bhananta.

Karuna sukh saagar, sab gun aagar,
Jehi gaavahin shruti santa.
So mam hit laagi, jan anuraagi,
Bhayau pragat Shreekantha.

Brahmaand nikaayaa, nirmit maaya
Rom rom prati bed Kahe |
Mam ur sau baasi, yah uphasi,
Sunat dhir mati thir na rahe

Upaja jab gyana, prabhu musukana,
Charit bahut bidhi keenh chahay |
Kahi kathaa suhaee, maatu bujhaee,
Jehi prakaar sut prem lahay ||

Mata puni boli, so mati doli,
Tajahu taat yah roopa |
Keejay sisulila, ati priyasila,
Yah sukh param anupa ||

Suni bachan sujaana, rodan thaana,
Hoi Balak sur bhoopa |
Yah charit je gavahin, haripad pavahin,
Te na paragon bhavakoopa ||

Bhaaye pragat kripala deen-dayaala,
Kausalya hitkaari.
Harshit mahataari, muni man haari,
Adbhut roop bichaari.

|| Doha ||

Bipra dhenoo sur sant hit,
Leenhu manuj avatar.
Nij ichhaa nirmit tanu,
maa gun go paar.

Jai Santoshi Maat Chalisa Lyrics : सन्तोषी माता चालीसा

सन्तोषी माता चालीसा [Santoshi Mata Chalisa] का जाप करने के शुक्रवार का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है| माना जाता है कि जो भी सच्चे मन व पूर्ण श्रद्धा के साथ माँ सन्तोषी का व्रत करता है व उनकी सन्तोषी माता चालीसा [Santoshi Mata Chalisa] का भी जाप करता है, उस व्यक्ति पर हमेशा सन्तोषी माता की कृपा बनी रहती है| यदि आप सन्तोषी माता का व्रत करते है तो आपको इस बात अवश्य ध्यान रखना है कि इस दिन आपको खट्टी चीजों का सेवन करने से बचना है| सन्तोषी माता की पूजा करने के पश्चात आरी बहुत ही श्रद्धापूर्वक भाव से जाप करें|

सन्तोषी माता चालीसा

सन्तोषी माता की पूजा करने तथा सन्तोषी माता चालीसा [Santoshi Mata Chalisa] का जाप करने से व्यक्ति को धन संबंधित सभी परेशानियों से राहत मिलती है| माता सन्तोषी का व्रत करने तथा सन्तोषी माता चालीसा [Santoshi Mata Chalisa] का जाप करने से भक्तों की सभी मनोकामनाए पूर्ण होती है| हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश जी तथा माता रिद्धि – सिद्धि को माँ सन्तोषी के माता – पिता के रूप में जाना जाता है| कहा जाता है कि सन्तोषी माता की पूजा करने के पश्चात उनकी आरती उतारने से जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है|

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सन्तोषी माता चालीसा पाठ | Santoshi Mata Chalisa Lyrics In Hindi

|| सन्तोषी माता चालीसा ||

॥ दोहा ॥

बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार ।
ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से पार ॥

भक्तन को सन्तोष दे सन्तोषी तव नाम ।
कृपा करहु जगदम्ब अब आया तेरे धाम ॥

॥ चौपाई ॥

जय सन्तोषी मात अनूपम ।
शान्ति दायिनी रूप मनोरम ॥

सुन्दर वरण चतुर्भुज रूपा ।
वेश मनोहर ललित अनुपा ॥

श्‍वेताम्बर रूप मनहारी ।
माँ तुम्हारी छवि जग से न्यारी ॥

दिव्य स्वरूपा आयत लोचन ।
दर्शन से हो संकट मोचन ॥

जय गणेश की सुता भवानी ।
रिद्धि- सिद्धि की पुत्री ज्ञानी ॥

अगम अगोचर तुम्हरी माया ।
सब पर करो कृपा की छाया ॥

नाम अनेक तुम्हारे माता ।
अखिल विश्‍व है तुमको ध्याता ॥

तुमने रूप अनेकों धारे ।
को कहि सके चरित्र तुम्हारे ॥

धाम अनेक कहाँ तक कहिये ।
सुमिरन तब करके सुख लहिये ॥

विन्ध्याचल में विन्ध्यवासिनी ।
कोटेश्वर सरस्वती सुहासिनी ॥

कलकत्ते में तू ही काली ।
दुष्ट नाशिनी महाकराली ॥

सम्बल पुर बहुचरा कहाती ।
भक्तजनों का दुःख मिटाती ॥

ज्वाला जी में ज्वाला देवी ।
पूजत नित्य भक्त जन सेवी ॥

नगर बम्बई की महारानी ।
महा लक्ष्मी तुम कल्याणी ॥

मदुरा में मीनाक्षी तुम हो ।
सुख दुख सबकी साक्षी तुम हो ॥

राजनगर में तुम जगदम्बे ।
बनी भद्रकाली तुम अम्बे ॥

पावागढ़ में दुर्गा माता ।
अखिल विश्‍व तेरा यश गाता ॥

काशी पुराधीश्‍वरी माता ।
अन्नपूर्णा नाम सुहाता ॥

सर्वानन्द करो कल्याणी ।
तुम्हीं शारदा अमृत वाणी ॥

तुम्हरी महिमा जल में थल में ।
दुःख दारिद्र सब मेटो पल में ॥

जेते ऋषि और मुनीशा ।
नारद देव और देवेशा ।

इस जगती के नर और नारी ।
ध्यान धरत हैं मात तुम्हारी ॥

जापर कृपा तुम्हारी होती ।
वह पाता भक्ति का मोती ॥

दुःख दारिद्र संकट मिट जाता ।
ध्यान तुम्हारा जो जन ध्याता ॥

जो जन तुम्हरी महिमा गावै ।
ध्यान तुम्हारा कर सुख पावै ॥

जो मन राखे शुद्ध भावना ।
ताकी पूरण करो कामना ॥

कुमति निवारि सुमति की दात्री ।
जयति जयति माता जगधात्री ॥

शुक्रवार का दिवस सुहावन ।
जो व्रत करे तुम्हारा पावन ॥

गुड़ छोले का भोग लगावै ।
कथा तुम्हारी सुने सुनावै ॥

विधिवत पूजा करे तुम्हारी ।
फिर प्रसाद पावे शुभकारी ॥

शक्ति-सामरथ हो जो धनको ।
दान-दक्षिणा दे विप्रन को ॥

वे जगती के नर औ नारी ।
मनवांछित फल पावें भारी ॥

जो जन शरण तुम्हारी जावे ।
सो निश्‍चय भव से तर जावे ॥

तुम्हरो ध्यान कुमारी ध्यावे ।
निश्चय मनवांछित वर पावै ॥

सधवा पूजा करे तुम्हारी ।
अमर सुहागिन हो वह नारी ॥

विधवा धर के ध्यान तुम्हारा ।
भवसागर से उतरे पारा ॥

जयति जयति जय संकट हरणी ।
विघ्न विनाशन मंगल करनी ॥

हम पर संकट है अति भारी ।
वेगि खबर लो मात हमारी ॥

निशिदिन ध्यान तुम्हारो ध्याता ।
देह भक्ति वर हम को माता ॥

यह चालीसा जो नित गावे ।
सो भवसागर से तर जावे ॥

॥ दोहा ॥

संतोषी माँ के सदा बंदहूँ पग निश वास ।
पूर्ण मनोरथ हो सकल मात हरौ भव त्रास ॥

॥ इति श्री संतोषी माता चालीसा ॥

सन्तोषी माता चालीसा

Santoshi Mata Chalisa Lyrics In English | जय सन्तोषी मात अनूपम

|| Santoshi Mata Chalisa ||

|| Doha ||

“Bandoun Santoshi Charan Riddhi-Siddhi Daataar.
Dhyaan Dharat Hi Hot Nar Dukh Saagar Se Paar.

Bhakton Ko Santosh De Santoshi Tav Naam.
Kripa Karo Jagdamba Ab Aaya Tere Dhaam.

|| Chaupai ||

Jai Santoshi Maat Anoopam.
Shaanti Daayini Roop Manoram.

Sundar Varan Chaturbhuj Roopa.
Vesh Manohar Lalit Anupa.

Shwetambar Roop Manhaari.
Maa Tumhaari Chhavi Jag Se Nyari.

Divya Swaroopa Aayat Lochan.
Darshan Se Ho Sankat Mochan.

Jai Ganesh Ki Suta Bhavani.
Riddhi-Siddhi Ki Putri Gyaani.

Agam Agocchar Tumhari Maaya.
Sab Par Karo Kripa Ki Chhaaya.

Naam Anek Tumhaare Maata.
Akhil Vishw Hai Tumko Dhyaata.

Tumne Roop Anek Dhare.
Ko Kahi Sake Charitra Tumhaare.

Dhaam Anek Kahaa Tak Kahiye.
Sumiran Tab Karke Sukh Lahiye.

Vindhyachal Mein Vindhyavasini.
Koteshwar Saraswati Suhasini.

Kalkatte Mein Tu Hi Kaali.
Dusht Nashini Mahaakaali.

Sambal Pur Bahuchara Kahaati.
Bhaktajano Ka Dukh Mitaati.

Jwala Ji Mein Jwala Devi.
Pujat Nitya Bhakt Jan Sevi.

Nagar Bombay Ki Maharani.
Maha Lakshmi Tum Kalyani.

Madura Mein Meenakshi Tum Ho.
Sukh Dukh Sabki Saakshi Tum Ho.

Rajnagar Mein Tum Jagdambi.
Bani Bhadrakali Tum Ambe.

Paawagadh Mein Durga Maata.
Akhil Vishw Tera Yash Gaata.

Kashi Puraadhishwari Maata.
Annapurna Naam Suhaata.

Sarvaanand Karo Kalyani.
Tumhi Shaarada Amrit Vaani.

Tumhari Mahima Jal Mein Thal Mein.
Dukh Daaridr Sab Mito Pal Mein.

Jete Rishi Aur Muneesha.
Narad Dev Aur Devesha.

Is Jagati Ke Nar Aur Naari.
Dhyaan Dharat Hai Maat Tumhaari.

Jaapar Kripa Tumhaari Hoti.
Vah Paata Bhakti Ka Moti.

Dukh Daaridr Sankat Mit Jaata.
Dhyaan Tumhara Jo Jan Dhyaata.

Jo Jan Tumhari Mahima Gaavai.
Dhyaan Tumhara Kar Sukh Paavai.

Jo Man Raakhe Shuddh Bhaavana.
Taaki Puraan Karo Kaamna.

Kumati Nivaari Sumati Ki Daatri.
Jayati Jayati Maata Jagdhaatri.

Shukravaar Ka Divas Suhaavan.
Jo Vrat Kare Tumhaara Paavan.

Gud Chhole Ka Bhog Lagaavai.
Katha Tumhari Sune Sunaavai.

Vidhivat Pooja Kare Tumhari.
Phir Prasaad Paave Shubhkaari.

Shakti-Samarath Ho Jo Dhan Ko.
Daan-Dakshina De Vipran Ko.

Ve Jagati Ke Nar Aur Naari.
Manvaanchhit Phal Paave Bhaari.

Jo Jan Sharan Tumhaari Jaave.
So Nishchay Bhav Se Tar Jaave.

Tumharo Dhyaan Kumaari Dhyaave.
Nishchay Manvaanchhit Var Paave.

Sadhwaa Pooja Kare Tumhari.
Amar Suhagini Ho Vah Naari.

Vidhava Dhar Ke Dhyaan Tumhaara.
Bhavsaagar Se Utare Paara.

Jayati Jayati Jay Sankat Harani.
Vighn Vinaashan Mangal Karni.

Ham Par Sankat Hai Ati Bhaari.
Vegi Khabar Lo Maat Hamaari.

Nishidin Dhyaan Tumhaaro Dhyaata.
Deh Bhakti Var Ham Ko Maata.

Yah Chaalisa Jo Nit Gaave.
So Bhavsaagar Se Tar Jaave.

|| Doha ||

Santoshi Maa Ke Sada Bandhuun Pag Nish Vaas.
Poorn Manorath Ho Sakal Mat Harau Bhav Traas.

Jai Santoshi Mata Aarti Lyrics : सन्तोषी माता आरती

सन्तोषी माता आरती [Santoshi Mata Aarti] का जाप करने के शुक्रवार का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है| माना जाता है कि सन्तोषी माता की पूजा करने तथा सन्तोषी माता आरती [Santoshi Mata Aarti] का जाप करने से व्यक्ति को धन संबंधित सभी परेशानियों से राहत मिलती है| माता सन्तोषी का व्रत करने तथा सन्तोषी माता आरती [Santoshi Mata Aarti] का जाप करने से भक्तों की सभी मनोकामनाए पूर्ण होती है| हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश जी तथा माता रिद्धि – सिद्धि को माँ सन्तोषी के माता – पिता के रूप में जाना जाता है| कहा जाता है कि सन्तोषी माता की पूजा करने के पश्चात उनकी आरती उतारने से जातक को शुभ फल की प्राप्ति होती है|

सन्तोषी माता आरती

जो भी सच्चे मन व पूर्ण श्रद्धा के साथ माँ सन्तोषी का व्रत करता है व उनकी सन्तोषी माता आरती [Santoshi Mata Aarti] का भी जाप करता है, उस व्यक्ति पर हमेशा सन्तोषी माता की कृपा बनी रहती है| यदि आप सन्तोषी माता का व्रत करते है तो आपको इस बात अवश्य ध्यान रखना है कि इस दिन आपको खट्टी चीजों का सेवन करने से बचना है| सन्तोषी माता की पूजा करने के पश्चात आरी बहुत ही श्रद्धापूर्वक भाव से जाप करें|

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सन्तोषी माता की आरती | Santoshi Mata Aarti Lyrics In Hindi

|| सन्तोषी माता आरती ||

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ।
अपने सेवक जन की,
सुख संपति दाता ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

सुन्दर चीर सुनहरी,
मां धारण कीन्हो ।
हीरा पन्ना दमके,
तन श्रृंगार लीन्हो ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

गेरू लाल छटा छबि,
बदन कमल सोहे ।
मंद हंसत करुणामयी,
त्रिभुवन जन मोहे ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

स्वर्ण सिंहासन बैठी,
चंवर दुरे प्यारे ।
धूप, दीप, मधु, मेवा,
भोज धरे न्यारे ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

गुड़ अरु चना परम प्रिय,
तामें संतोष कियो ।
सन्तोषी कहलाई,
भक्तन वैभव दियो ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

शुक्रवार प्रिय मानत,
आज दिवस सोही ।
भक्त मंडली छाई,
कथा सुनत मोही ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

मंदिर जग मग ज्योति,
मंगल ध्वनि छाई ।
विनय करें हम सेवक,
चरनन सिर नाई ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

भक्ति भावमय पूजा,
अंगीकृत कीजै ।
जो मन बसे हमारे,
इच्छित फल दीजै ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

दुखी दारिद्री रोगी,
संकट मुक्त किए ।
बहु धन धान्य भरे घर,
सुख सौभाग्य दिए ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

ध्यान धरे जो तेरा,
वांछित फल पायो ।
पूजा कथा श्रवण कर,
घर आनन्द आयो ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

चरण गहे की लज्जा,
रखियो जगदम्बे ।
संकट तू ही निवारे,
दयामयी अम्बे ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ॥

सन्तोषी माता की आरती,
जो कोई जन गावे ।
रिद्धि सिद्धि सुख सम्पति,
जी भर के पावे ॥

जय सन्तोषी माता,
मैया जय सन्तोषी माता ।
अपने सेवक जन की,
सुख सम्पति दाता ॥

सन्तोषी माता आरती

Santoshi Mata Aarti Lyrics In English | जय सन्तोषी माता

|| Santoshi Mata Aarti ||

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.
Apne sevak jan ki,
Sukh Sampati Data.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Sundar cheera sunehri,
Maa dharaṇ kinho.
Heera panna damke,
Tan shringar leenho.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Geru laal chhata chhavi,
Badan kamal sohe.
Mand hansat karunamayi,
Tribhuvan jan mohe.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Swarn sinhasan baithee,
Chamvar dure pyare.
Dhoop, deep, Madhu, meva,
Bhoj dhare nyare.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Gudh aru chana param priya,
Tame santosh kiyo.
Santoshi kahlaai,
Bhaktan vaibhav diyo.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Shukravar priya manat,
Aaj divas sohi.
Bhakt mandali chhaai,
Katha sunat mohe.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Mandir jag mag Jyoti,
Mangal dhvani chhaai.
Vinay kareṁ ham sevak,
Charanan sir naai.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Bhakti bhavmay puja,
Angikrit kijai.
Jo man base hamare,
Ichchhit phal dijai.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Dukhi daridri rogi,
Sankat mukt kiye.
Bahu dhan dhanya bhare ghar,
Sukh saubhagya diye.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Dhyan dhare jo tera,
Vaanchhit phal paayo.
Puja katha shravan kar,
Ghar aanand aayo.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Charan gahe ki lajja,
Rakhiyo Jagdamba.
Sankat tu hi nivaare,
Dayamayi Ambe.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.

Santoshi Mata ki aarti,
Jo koi jan gaave.
Riddhi Siddhi Sukh Sampati,
Ji bhar ke paave.

Jai Santoshi Mata,
Maiya Jai Santoshi Mata.
Apne sevak jan ki,
Sukh Sampati Data.

Vishwakarma Ji Ki Aarti : विश्वकर्मा जी की आरती

विश्वकर्मा जी की आरती [Vishwakarma Ji Ki Aarti] भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा करने के बाद गाई जाती है| हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार माना जाता है कि रावण की लंका, पांडवों की इंद्रप्रस्थ नगरी, भगवान श्री कृष्ण की द्वारका नगरी तथा हस्तिनापुर नगरी का निर्माण भगवान विश्वकर्मा जी के द्वारा ही किया गया था| भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा इस पृथ्वी पर सृष्टि के सृजन कर्ता के रूप में की जाती है| भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा करने के बाद विश्वकर्मा जी की आरती [Vishwakarma Ji Ki Aarti] अवश्य रूप से की जाती है| बिना आरती के विश्वकर्मा जी की पूजा अधूरी मानी जाती है|

विश्वकर्मा जी की आरती

जांगिड ब्राह्मण समाज के लोग विश्वकर्मा भगवान को बहुत मानते है तथा इनकी पूजा करते है| विश्वकर्मा जी की आरती [Vishwakarma Ji Ki Aarti] का जाप करने से आपके व्यवसाय में बढ़ोतरी होगी| सर्वाधिक कारखानों व बड़े – बड़े उद्योगों वाले व्यक्ति भगवान विश्वकर्मा जी की आरती [Vishwakarma Ji Ki Aarti] तथा उनकी पूजा करते है| विश्वकर्मा जी आरती का जप करने भगवान विश्वकर्मा प्रसन्न होते है, जिन्हें इस सम्पूर्ण सृष्टि का पहला वास्तुकार माना जाता है|

यदि आप ऑनलाइन किसी भी पूजा जैसे धनतेरस पूजा (Dhanteras Puja), रुद्राभिषेक पूजा (Rudrabhishek Puja), गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) के लिए आप हमारी वेबसाइट 99Pandit  की सहायता से ऑनलाइन पंडित बहुत आसानी से बुक कर सकते है| यहाँ बुकिंग प्रक्रिया बहुत ही आसान है| बस आपको “बुक ए पंडित” [Book A Pandit] विकल्प का चुनाव करना होगा और अपनी सामान्य जानकारी जैसे कि अपना नाम, मेल, पूजा स्थान, समय,और पूजा का चयन के माध्यम से आप अपना पंडित बुक कर सकेंगे|

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विश्वकर्मा जी की आरती | Vishwakarma Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi

|| विश्वकर्मा जी की आरती ||

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।
सकल सृष्टि के करता,
रक्षक स्तुति धर्मा ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

आदि सृष्टि मे विधि को,
श्रुति उपदेश दिया ।
जीव मात्र का जग में,
ज्ञान विकास किया ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

ऋषि अंगीरा तप से,
शांति नहीं पाई ।
ध्यान किया जब प्रभु का,
सकल सिद्धि आई ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा ।

रोग ग्रस्त राजा ने,
जब आश्रय लीना ।
संकट मोचन बनकर,
दूर दुःखा कीना ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा।

जब रथकार दंपति,
तुम्हारी टेर करी ।
सुनकर दीन प्रार्थना,
विपत सगरी हरी ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा।

एकानन चतुरानन,
पंचानन राजे।
त्रिभुज चतुर्भुज दशभुज,
सकल रूप साजे ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा।

ध्यान धरे तब पद का,
सकल सिद्धि आवे ।
मन द्विविधा मिट जावे,
अटल शक्ति पावे ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा।

श्री विश्वकर्मा की आरती,
जो कोई गावे ।
भजत गजानांद स्वामी,
सुख संपति पावे ॥

जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
जय श्री विश्वकर्मा।
सकल सृष्टि के करता,
रक्षक स्तुति धर्मा ॥

विश्वकर्मा जी की आरती

Vishwakarma Ji Ki Aarti Lyrics In English | Jai Shree Vishwakarma Prabhu

|| Vishwakarma Ji Ki Aarti ||

Jai Shri Vishwakarma Prabhu,
Jai Shri Vishwakarma.
Sakal srishti ke karta,
Rakshak stuti dharma.

Jai Shri Vishwakarma Prabhu,
Jai Shri Vishwakarma.

Aadi srishti mein vidhi ko,
Shruti Updesh diya.
Jeev maatra ka jag mein,
Gyaan vikas kiya.

Jai Shri Vishwakarma Prabhu,
Jai Shri Vishwakarma.

Rishi Angira tap se,
Shaanti nahin paayi.
Dhyaan kiya jab Prabhu ka,
Sakal siddhi aayi.

Jai Shri Vishwakarma Prabhu,
Jai Shri Vishwakarma.

Rog Grasht raja ne,
Jab aashray liya.
Sankat mochan bankar,
Door dukhaa kina.

Jai Shri Vishwakarma Prabhu,
Jai Shri Vishwakarma.

Jab rathakar dampati,
Tumhaari ter kari.
Sunkar deen prarthana,
Vipat sagari hari.

Jai Shri Vishwakarma Prabhu,
Jai Shri Vishwakarma.

Ekaanan chaturaanan,
Panchanan raaje.
Tribhuj Chaturbhuj dashabhuj,
Sakal roop saaje.

Jai Shri Vishwakarma Prabhu,
Jai Shri Vishwakarma.

Dhyaan dhare tab pad ka,
Sakal siddhi aave.
Man dvividha mit jaave,
Atal shakti paave.

Jai Shri Vishwakarma Prabhu,
Jai Shri Vishwakarma.

Shri Vishwakarma ki aarti,
Jo koi gaave.
Bhajat Gajaanand Swami,
Sukh sampati paave.

Jai Shri Vishwakarma Prabhu,
Jai Shri Vishwakarma.
Sakal srishti ke karta,
Rakshak stuti dharma

Jai Vaishnavi Mata Aarti Lyrics : वैष्णो माता आरती

वैष्णो माता आरती [Vaishno Mata Aarti] का जाप माँ वैष्णो देवी को प्रसन्न करने के लिए कहा जाता है| वैष्णो देवी का मंदिर हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है जो कि भारत के जम्मू और कश्मीर के त्रिकुट पर्वत पर स्थित है| वैष्णो माता जी को वैष्णवी नाम से भी जाना जाता है| वैष्णो माता आरती [Vaishno Mata Aarti] का जाप करने से भक्तों पर माता वैष्णो देवी की कृपा प्राप्त होती है| इस आरती का जाप करने से माता वैष्णो देवी अपने भक्तों से प्रसन्न होती है तथा उनकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करती है|

वैष्णो माता आरती

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वैष्णो माता आरती | Vaishno Devi Aarti Lyrics In Hindi

|| वैष्णो माता आरती ||

जय वैष्णवी माता,
मैया जय वैष्णवी माता ।
हाथ जोड़ तेरे आगे,
आरती मैं गाता ॥
॥ जय वैष्णवी माता..॥

शीश पे छत्र विराजे,
मूरतिया प्यारी ।
गंगा बहती चरनन,
ज्योति जगे न्यारी ॥
॥ जय वैष्णवी माता..॥

ब्रह्मा वेद पढ़े नित द्वारे,
शंकर ध्यान धरे ।
सेवक चंवर डुलावत,
नारद नृत्य करे ॥
॥ जय वैष्णवी माता..॥

सुन्दर गुफा तुम्हारी,
मन को अति भावे ।
बार-बार देखन को,
ऐ माँ मन चावे ॥
॥ जय वैष्णवी माता..॥

भवन पे झण्डे झूलें,
घंटा ध्वनि बाजे ।
ऊँचा पर्वत तेरा,
माता प्रिय लागे ॥
॥ जय वैष्णवी माता..॥

पान सुपारी ध्वजा नारियल,
भेंट पुष्प मेवा ।
दास खड़े चरणों में,
दर्शन दो देवा ॥
॥ जय वैष्णवी माता..॥

जो जन निश्चय करके,
द्वार तेरे आवे ।
उसकी इच्छा पूरण,
माता हो जावे ॥
॥ जय वैष्णवी माता..॥

इतनी स्तुति निश-दिन,
जो नर भी गावे ।
कहते सेवक ध्यानू,
सुख सम्पत्ति पावे ॥

जय वैष्णवी माता,
मैया जय वैष्णवी माता ।
हाथ जोड़ तेरे आगे,
आरती मैं गाता ॥

वैष्णो माता आरती

Vaishno Devi Aarti Lyrics In English | जय वैष्णवी माता

|| Vaishno Mata Aarti ||

Jai Vaishnavi Mata,
Maiya Jai Vaishnavi Mata.
Haath jod tere aage,
Aarti main gaata.
Jai Vaishnavi Mata.

Sheesh pe chatra viraje,
Murtiya pyaari.
Ganga bahti charanan,
Jyoti jage nyaari.
Jai Vaishnavi Mata.

Brahma Ved padhe nit dwaare,
Shankar dhyaan dhare.
Sevak chavar dulavat,
Narad nritya kare.
Jai Vaishnavi Mata.

Sundar gufa tumhaari,
Man ko ati bhaave.
Baar-baar dekhan ko,
Ai Maa man chaave.
Jai Vaishnavi Mata.

Bhavan pe jhande jhule,
Ghanta dhvani baaje.
Ooncha parvat tera,
Mata priya laage.
Jai Vaishnavi Mata.

Paan supari dhvaja nariyal,
Bhent pushp mewa.
Daas khade charanon mein,
Darshan do deva.
Jai Vaishnavi Mata.

Jo Jan Nishchay Karke,
Dwaar Tere Aave.
Uski ichha pooran,
Mata ho jaave.
Jai Vaishnavi Mata.

Itni Stuti Nish-Din,
Jo nar bhi gaave.
Kahte sevak dhyanu,
Sukh sampatti paave.

Jai Vaishnavi Mata,
Maiya Jai Vaishnavi Mata.
Haath jod tere aage,
Aarti main gaata.

Kaila Devi Chalisa Lyrics : कैला देवी चालीसा पाठ

कैला देवी चालीसा का पाठ कैला माता को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है| नवरात्रि के समय माता कैला देवी की पूजा करने के लिए बहुत सारे भक्त माता के मंदिर में उनके दर्शन तथा पूजा के लिए आते है| कैला देवी का यह प्राचीन मंदिर राजस्थान के करौली जिले में स्थित है| इस मंदिर में माता कैला देवी के दर्शन करने से भक्ति बहुत ही दूर – दूर से आते है| जो व्यक्ति नवरात्रि के समय कैला देवी की पूजा तथा कैला देवी चालीसा का पाठ करता है तो उसपर माता देवी की कृपा हमेशा ही बनी रहती है| आइये जानते है कैला देवी चालीसा के बारे में|

कैला देवी चालीसा

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कैला देवी चालीसा | Kaila Devi Chalisa Lyrics In Hindi

|| कैला देवी चालीसा ||

|| दोहा ||

जय जय कैला मात हे
तुम्हे नमाउ माथ ॥
शरण पडूं में चरण में
जोडूं दोनों हाथ ॥

आप जानी जान हो
मैं माता अंजान ॥
क्षमा भूल मेरी करो
करूँ तेरा गुणगान ॥

॥ चौपाई ॥

जय जय जय कैला महारानी ।
नमो नमो जगदम्ब भवानी ॥

सब जग की हो भाग्य विधाता ।
आदि शक्ति तू सबकी माता ॥

दोनों बहिना सबसे न्यारी ।
महिमा अपरम्पार तुम्हारी ॥

शोभा सदन सकल गुणखानी ।
वैद पुराणन माँही बखानी ॥

जय हो मात करौली वाली ।
शत प्रणाम कालीसिल वाली ॥

ज्वालाजी में ज्योति तुम्हारी ।
हिंगलाज में तू महतारी ॥

तू ही नई सैमरी वाली ।
तू चामुंडा तू कंकाली ॥

नगर कोट में तू ही विराजे ।
विंध्यांचल में तू ही राजै ॥

धौलागढ़ बेलौन तू माता ।
वैष्णवदेवी जग विख्याता ॥

नव दुर्गा तू मात भवानी ।
चामुंडा मंशा कल्याणी ॥

जय जय सूये चोले वाली ।
जय काली कलकत्ते वाली ॥

तू ही लक्ष्मी तू ही ब्रम्हाणी ।
पार्वती तू ही इन्द्राणी ॥

सरस्वती तू विद्या दाता ।
तू ही है संतोषी माता ॥

अन्नपुर्णा तू जग पालक ।
मात पिता तू ही हम बालक ॥

तू राधा तू सावित्री ।
तारा मतंग्डिंग गायत्री ॥

तू ही आदि सुंदरी अम्बा ।
मात चर्चिका हे जगदम्बा ॥

एक हाथ में खप्पर राजै ।
दूजे हाथ त्रिशूल विराजै ॥

कालीसिल पै दानव मारे ।
राजा नल के कारज सारे ॥

शुम्भ निशुम्भ नसावनि हारी ।
महिषासुर को मारनवारी ॥

रक्तबीज रण बीच पछारो ।
शंखासुर तैने संहारो ॥

ऊँचे नीचे पर्वत वारी ।
करती माता सिंह सवारी ॥

ध्वजा तेरी ऊपर फहरावे ।
तीन लोक में यश फैलावे ॥

अष्ट प्रहर माँ नौबत बाजै ।
चाँदी के चौतरा विराजै ॥

लांगुर घटूअन चलै भवन में ।
मात राज तेरौ त्रिभुवन में ॥

घनन घनन घन घंटा बाजत ।
ब्रह्मा विष्णु देव सब ध्यावत ॥

अगनित दीप जले मंदिर में ।
ज्योति जले तेरी घर-घर में ॥

चौसठ जोगिन आंगन नाचत ।
बामन भैरों अस्तुति गावत ॥

देव दनुज गन्धर्व व किन्नर ।
भूत पिशाच नाग नारी नर ॥

सब मिल माता तोय मनावे ।
रात दिन तेरे गुण गावे ॥

जो तेरा बोले जयकारा ।
होय मात उसका निस्तारा ॥

मना मनौती आकर घर सै ।
जात लगा जो तोंकू परसै ॥

ध्वजा नारियल भेंट चढ़ावे ।
गुंगर लौंग सो ज्योति जलावै ॥

हलुआ पूरी भोग लगावै ।
रोली मेहंदी फूल चढ़ावे ॥

जो लांगुरिया गोद खिलावै ।
धन बल विद्या बुद्धि पावै ॥

जो माँ को जागरण करावै ।
चाँदी को सिर छत्र धरावै ॥

जीवन भर सारे सुख पावै ।
यश गौरव दुनिया में छावै ॥

जो भभूत मस्तक पै लगावे ।
भूत-प्रेत न वाय सतावै ॥

जो कैला चालीसा पढ़ता।
नित्य नियम से इसे सुमरता ॥

मन वांछित वह फल को पाता ।
दुःख दारिद्र नष्ट हो जाता ॥

गोविन्द शिशु है शरण तुम्हारी ।
रक्षा कर कैला महतारी ॥

॥ दोहा ॥

संवत तत्व गुण नभ भुज सुन्दर रविवार ।
पौष सुदी दौज शुभ पूर्ण भयो यह कार ॥

॥ इति कैला देवी चालीसा समाप्त ॥

कैला देवी चालीसा

Kaila Devi Chalisa Lyrics In English | जय जय जय कैला महारानी

|| Kaila Devi Chalisa ||

|| Doha ||

Jai Jai Kaila Maat Hey,
Tumhe Namao Maath,
Sharan Padun Mein Charan Mein,
Jodun Dono Haath.

Aap Jaani Jaan Ho,
Main Mata Anjaan,
Kshama Bhool Meri Karo,
Karun Tera Gunagaan.

|| Choupai ||

Jai Jai Jai Kaila Maharani,
Namo Namo Jagdamba Bhavani.

Sab Jag Ki Ho Bhagya Vidhata,
Aadi Shakti Tu Sabki Mata.

Dono Bahina Sabse Nyari,
Mahima Aparampar Tumhari.

Shobha Sadan Sakal Gunakhani,
Vaid Puranan Maa Hi Bakhaani.

Jai Ho Maat Karauli Vaali,
Shat Pranaam Kalisil Vaali.

Jwalaji Mein Jyoti Tumhari,
Hinglaj Mein Tu Mahatari.

Tu Hi Nai Saimari Vaali,
Tu Chamunda Tu Kankali.

Nagar Kot Mein Tu Hi Viraje,
Vindhyaanchal Mein Tu Hi Raaje.

Dholpur Belon Tu Mata,
Vaishnavdevi Jag Vikhyata.

Nav Durga Tu Maat Bhavani,
Chamunda Mansa Kalyani.

Jai Jai Suye Chole Vaali,
Jai Kali Kalkatte Vaali.

Tu Hi Lakshmi Tu Hi Brahmani,
Parvati Tu Hi Indrani.

Saraswati Tu Vidya Data,
Tu Hi Hai Santoshi Mata.

Annapurna Tu Jag Palak,
Maat Pita Tu Hi Hum Baalak.

Tu Radha Tu Savitri,
Tara Matangding Gayatri.

Tu Hi Aadi Sundari Amba,
Maat Charchika Hey Jagdamba.

Ek Haath Mein Khappar Raaje,
Dooje Haath Trishul Viraaje.

Kalisil Pe Daanav Maare,
Raja Nal Ke Kaaraj Saare.

Shumbh Nishumbh Nasaavani Haari,
Mahishasur Ko Maaranvaari.

Raktbeej Ran Beech Pachhaaro,
Shankhasur Taine Sanhaaro.

Unche Neecche Parvat Vaari,
Karti Maa Simha Savari.

Dhwaja Teri Upar Fahraave,
Teen Lok Mein Yash Phailaave.

Asht Prahara Maa Nau Bat Baaje,
Chandi Ke Chaukara Viraaje.

Langur Ghatuan Chale Bhavan Mein,
Maa Raaj Teru Tribhuvan Mein.

Ghann Ghann Ghan Ghanta Bajaat,
Brahma Vishnu Dev Sab Dhyaavat.

Agnit Deep Jale Mandir Mein,
Jyoti Jale Teri Ghar Ghar Mein.

Chausath Jogini Aangan Naachat,
Baman Bhairon Astuti Gaavat.

Dev Danuj Gandharv Va Kinnar,
Bhoot Pishaach Naag Naari Nar.

Sab Mil Maa Toy Manaave,
Raat Din Tere Gun Gaave.

Jo Tera Bole Jaykaara,
Hoy Maa Uska Nistaara.

Manaa Manauti Aakar Ghar Sai,
Jaath Laga Jo Tonku Parsai.

Dhwaja Nariyal Bhent Chadhaave,
Gungar Laung So Jyoti Jalaave.

Halwa Puri Bhog Lagaave,
Roli Mehndi Phool Chadhaave.

Jo Languriya God Khilaave,
Dhan Bal Vidya Buddhi Paave.

Jo Maa Ko Jaagran Karaave,
Chandi Ko Sir Chatra Dharaave.

Jeevan Bhar Saare Sukh Paave,
Yash Gaurav Duniya Mein Chhaave.

Jo Bhoot Mastak Pai Lagaave,
Bhoot Pret Na Vaay Sataave.

Jo Kaila Chalisa Padhta,
Nitya Niyam Se Ise Sumarta.

Man Vaanchit Vah Phal Ko Paata,
Dukh Daridra Nasht Ho Jaata.

Govind Shishu Hai Sharan Tumhaari,
Raksha Kar Kaila Mahaataari.

|| Doha ||

Sanvat Tatva Gun Nabhu Sundar Ravi Vaar,
Paush Sudi Dooj Shubh Poorn Bhayo Yeh Kaar.

|| Iti Kaila Devi Chalisa Samapt ||

Shree Bhairav Chalisa Path Lyrics : भैरव चालीसा पाठ

भैरव चालीसा का पाठ भगवान भैरव की कृपा पाने के लिए ही किया जाता है| इस भैरव चालीसा का पाठ करने से भगवान भैरव अपने भक्तों से बहुत ही प्रसन्न होते है| ऐसा माना जाता है कि भैरव चालीसा का पाठ कालाष्टमी के दिन करने भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है| शास्त्रों के अनुसार भगवान काल भैरव को भगवान शिव का ही साहसिक व युवा रूप माना जाता है| जिसे भगवान शिव के रुद्रावतार के नाम से भी जाना जाता है| कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति भगवान काल भैरव की पूजा व साथ भैरव चालीसा का जाप करता है|

भैरव चालीसा

उस व्यक्ति को कोट – कचहरी के सभी मामलो से मुक्ति मिल जाती है| भगवान काल भैरव को प्रसन्न करने के लिए भैरव चालीसा के पाठ के अलावा भैरव भगवान के मंदिर में जाकर उनके समक्ष एक दीपक प्रज्वलित कीजिये तथा भगवान काल भैरव को नारियल – जलेबी का भोग लगाएं | भगवान काल भैरव को मदिरा यानी शराब का भोग लगाया जाता है क्योकि भगवान काल भैरव को तामसिक प्रवृति के देवता के रूप में जाने जाते हैं|

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श्री काल भैरव चालीसा पाठ | Bhairav Chalisa Lyrics In Hindi

|| भैरव चालीसा ||

|| दोहा ||

श्री गणपति गुरु गौरी पद
प्रेम सहित धरि माथ ।
चालीसा वंदन करो
श्री शिव भैरवनाथ ॥

श्री भैरव संकट हरण
मंगल करण कृपाल ।
श्याम वरण विकराल वपु
लोचन लाल विशाल ॥

|| चौपाई ||

जय जय श्री काली के लाला ।
जयति जयति काशी-कुतवाला ॥

जयति बटुक-भैरव भय हारी ।
जयति काल-भैरव बलकारी ॥

जयति नाथ-भैरव विख्याता ।
जयति सर्व-भैरव सुखदाता ॥

भैरव रूप कियो शिव धारण ।
भव के भार उतारण कारण ॥

भैरव रव सुनि हवै भय दूरी ।
सब विधि होय कामना पूरी ॥

शेष महेश आदि गुण गायो ।
काशी-कोतवाल कहलायो ॥

जटा जूट शिर चंद्र विराजत ।
बाला मुकुट बिजायठ साजत ॥

कटि करधनी घुंघरू बाजत ।
दर्शन करत सकल भय भाजत ॥

जीवन दान दास को दीन्ह्यो ।
कीन्ह्यो कृपा नाथ तब चीन्ह्यो ॥

वसि रसना बनि सारद-काली ।
दीन्ह्यो वर राख्यो मम लाली ॥

धन्य धन्य भैरव भय भंजन ।
जय मनरंजन खल दल भंजन ॥

कर त्रिशूल डमरू शुचि कोड़ा ।
कृपा कटाक्ष सुयश नहिं थोडा ॥

जो भैरव निर्भय गुण गावत ।
अष्टसिद्धि नव निधि फल पावत ॥

रूप विशाल कठिन दुख मोचन ।
क्रोध कराल लाल दुहुं लोचन ॥

अगणित भूत प्रेत संग डोलत ।
बम बम बम शिव बम बम बोलत ॥

रुद्रकाय काली के लाला ।
महा कालहू के हो काला ॥

बटुक नाथ हो काल गंभीरा ।
श्‍वेत रक्त अरु श्याम शरीरा ॥

करत नीनहूं रूप प्रकाशा ।
भरत सुभक्तन कहं शुभ आशा ॥

रत्‍न जड़ित कंचन सिंहासन ।
व्याघ्र चर्म शुचि नर्म सुआनन ॥

तुमहि जाइ काशिहिं जन ध्यावहिं ।
विश्वनाथ कहं दर्शन पावहिं ॥

जय प्रभु संहारक सुनन्द जय ।
जय उन्नत हर उमा नन्द जय ॥

भीम त्रिलोचन स्वान साथ जय ।
वैजनाथ श्री जगतनाथ जय ॥

महा भीम भीषण शरीर जय ।
रुद्र त्रयम्बक धीर वीर जय ॥

अश्‍वनाथ जय प्रेतनाथ जय ।
स्वानारुढ़ सयचंद्र नाथ जय ॥

निमिष दिगंबर चक्रनाथ जय ।
गहत अनाथन नाथ हाथ जय ॥

त्रेशलेश भूतेश चंद्र जय ।
क्रोध वत्स अमरेश नन्द जय ॥

श्री वामन नकुलेश चण्ड जय ।
कृत्याऊ कीरति प्रचण्ड जय ॥

रुद्र बटुक क्रोधेश कालधर ।
चक्र तुण्ड दश पाणिव्याल धर ॥

करि मद पान शम्भु गुणगावत ।
चौंसठ योगिन संग नचावत ॥

करत कृपा जन पर बहु ढंगा ।
काशी कोतवाल अड़बंगा ॥

देयं काल भैरव जब सोटा ।
नसै पाप मोटा से मोटा ॥

जनकर निर्मल होय शरीरा ।
मिटै सकल संकट भव पीरा ॥

श्री भैरव भूतों के राजा ।
बाधा हरत करत शुभ काजा ॥

ऐलादी के दुख निवारयो ।
सदा कृपाकरि काज सम्हारयो ॥

सुन्दर दास सहित अनुरागा ।
श्री दुर्वासा निकट प्रयागा ॥

श्री भैरव जी की जय लेख्यो ।
सकल कामना पूरण देख्यो ॥

॥ दोहा ॥

जय जय जय भैरव बटुक स्वामी संकट टार ।
कृपा दास पर कीजिए शंकर के अवतार ॥

भैरव चालीसा

Bhairav Chalisa Lyrics In English | जय जय श्री काली के लाला

|| Bhairav Chalisa ||

|| Doha ||

Shri GanpatiGuru Gauri pad
Prem sahit dhari maath.
Chalisa Vandan karo
Shri Shiv Bhairavnath.

Shri Bhairav sankat haran
Mangal karan kripal.
Shyam varan vikaral vapu
Lochan lal vishaal.

|| Chaupai ||

Jai Jai Shri Kali ke laala.
Jayati jayati Kashi-Kutwala.

Jayati Batuk-Bhairav bhay haari.
Jayati Kal-Bhairav balakari.

Jayati Nath-Bhairav vikhyata.
Jayati Sarv-Bhairav sukhdata.

Bhairav roop kiyo Shiv dharan.
Bhav ke bhaar utaran kaaran.

Bhairav rav suni havai Bhay doori.
Sab vidhi hoy kamna poorni.

Shesh Mahesh Aadi gun gaayo.
Kashi-Kotwala kahlayo.

Jata joot shir chandra virajat.
Bala mukut bijayath sajat.

Kati karadhani ghunghru bajat.
Darshan karat sakal bhay bhajat.

Jivan daan daas ko deenhyo.
Keenhyo Kripa Nath tab Cheenhyo.

Vasi rasna bani Sarad-Kali.
Deenhyo var rakhyo mam Laali.

Dhany dhany Bhairav bhay bhanjan.
Jai manranjan khal dal bhanjan.

Kar trishul damaru shuchi koda.
Kripa kataaksh suyash nahin thoda.

Jo Bhairav nirbhay gun gaavat.
Ashtasiddhi nav nidhi phal paavat.

Roop Vishaal Kathin Dukh Mochan.
Krodh karaal lal duhun lochan.

Aganit Bhoot pret sang Dolat.
Bam bam bam Shiv bam bam bolat.

Rudrakay Kali ke laala.
Maha kalhu ke ho kaala.

Batuk Nath ho kaal gambhira.
Shwet rakt aru shyam shareera.

Karat ninu roop prakaasha.
Bharat subhaktan kahin shubh aasha.

Ratn jadit kanchan sinhaasan.
Vyaaghra charm shuchi narm suaanan.

Tumahi jaai Kaashihin jan dhyaavahin.
Vishwanath kahin darshan paavahin.

Jai Prabhu sanhaaraka sunand jai.
Jai unnat har Uma nand jai.

Bheem trilochan swaan saath jai.
Vaijanath Shri Jagatnath jai.

Maha Bheem bheeshan shareer jai.
Rudra tryambak dheer veer jai.

Ashwanath jai pretnath jai.
Swanarudh sayachandra nath jai.

Nimish Digambar Chakranath jai.
Gahat anaathn nath haath jai.

Treshelesh Bhootesh Chandra Jai.
Krodh vats amaresh nand jai.

Shri Vaman Nakulesh Chand jai.
Krityaau Keerati Prachand jai.

Rudra Batuk krodhesh kaaldhar.
Chakr tund dash Paanivyala dhar.

Kari mad paan Shambhu gun gaavat.
Chaunsath yogin sang nachaavat.

Karat kripa jan par bahu dhaanga.
Kaashi Kotwala adbangaa.

Deyam Kal Bhairav jab sota.
Nasai paap motta se motta.

Janakar nirmal hoy sharira.
Mitai sakal sankat bhav peera.

Shri Bhairav bhooton ke raaja.
Baadha harat karat shubh kaaja.

Ailadi ke dukh nivaarayo.
Sada kripa kari kaaj samhaaro.

Sundar Daas sahit Anuraaga.
Shri Durvasa nikat Prayaga.

Shri Bhairav ji ki jai lekhyo.
Sakal kaamna poorn dekhyo.

|| Doha ||

Jai jai jai Bhairav Batuk Swami sankat taar.
Kripa daas par kijiye Shankar ke avataar.

Shri Ganga Chalisa Lyrics : गंगा चालीसा पाठ

गंगा चालीसा का पाठ गंगा माता को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है| हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक़ गंगा नदी को दुनिया की सबसे पवित्र नदी के रूप में जाना जाता है| हिन्दू धर्म को मानने वाले बहुत सारे लोग गंगा माता को प्रसन्न करने के लिए गंगा नदी की पूजा करते है तथा साथ ही गंगा चालीसा का पाठ भी करते है| गंगा नदी को माँ गंगा के नाम से भी सम्मानित किया गया है| इतना ही नहीं पौराणिक शास्त्रों में गंगा नदी को पापों को धोने वाली नदी के रूप में संबोधित किया गया है| गंगा नदी की पूजा करते समय सभी भक्तगण माँ गंगा की आरती के साथ – साथ गंगा चालीसा शामिल करते है|

गंगा चालीसा

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माँ गंगा चालीसा पाठ | Ganga Chalisa Lyrics In Hindi

|| गंगा चालीसा ||

|| दोहा ||

जय जय जय जग पावनी,
जयति देवसरि गंग ।
जय शिव जटा निवासिनी,
अनुपम तुंग तरंग ॥

|| चौपाई ||

जय जय जननी हराना अघखानी ।
आनंद करनी गंगा महारानी ॥

जय भगीरथी सुरसरि माता ।
कलिमल मूल डालिनी विख्याता ॥

जय जय जहानु सुता अघ हनानी ।
भीष्म की माता जगा जननी ॥

धवल कमल दल मम तनु सजे ।
लखी शत शरद चंद्र छवि लजाई ॥

वहां मकर विमल शुची सोहें ।
अमिया कलश कर लखी मन मोहें ॥

जदिता रत्ना कंचन आभूषण ।
हिय मणि हर, हरानितम दूषण ॥

जग पावनी त्रय ताप नासवनी ।
तरल तरंग तुंग मन भावनी ॥

जो गणपति अति पूज्य प्रधान ।
इहूं ते प्रथम गंगा अस्नाना ॥

ब्रह्मा कमंडल वासिनी देवी ।
श्री प्रभु पद पंकज सुख सेवि ॥

साथी सहस्त्र सागर सुत तरयो ।
गंगा सागर तीरथ धरयो ॥

अगम तरंग उठ्यो मन भवन ।
लखी तीरथ हरिद्वार सुहावन ॥

तीरथ राज प्रयाग अक्षैवेता ।
धरयो मातु पुनि काशी करवत ॥

धनी धनी सुरसरि स्वर्ग की सीधी ।
तरनी अमिता पितु पड़ पिरही ॥

भागीरथी ताप कियो उपारा ।
दियो ब्रह्म तव सुरसरि धारा ॥

जब जग जननी चल्यो हहराई ।
शम्भु जाता महं रह्यो समाई ॥

वर्षा पर्यंत गंगा महारानी ।
रहीं शम्भू के जाता भुलानी ॥

पुनि भागीरथी शम्भुहीं ध्यायो ।
तब इक बूंद जटा से पायो ॥

ताते मातु भें त्रय धारा ।
मृत्यु लोक, नाभा, अरु पातारा ॥

गईं पाताल प्रभावती नामा ।
मन्दाकिनी गई गगन ललामा ॥

मृत्यु लोक जाह्नवी सुहावनी ।
कलिमल हरनी अगम जग पावनि ॥

धनि मइया तब महिमा भारी ।
धर्मं धुरी कलि कलुष कुठारी ॥

मातु प्रभवति धनि मंदाकिनी ।
धनि सुर सरित सकल भयनासिनी ॥

पन करत निर्मल गंगा जल ।
पावत मन इच्छित अनंत फल ॥

पुरव जन्म पुण्य जब जागत ।
तबहीं ध्यान गंगा महं लागत ॥

जई पगु सुरसरी हेतु उठावही ।
तई जगि अश्वमेघ फल पावहि ॥

महा पतित जिन कहू न तारे ।
तिन तारे इक नाम तिहारे ॥

शत योजन हूं से जो ध्यावहिं ।
निशचाई विष्णु लोक पद पावहीं ॥

नाम भजत अगणित अघ नाशै ।
विमल ज्ञान बल बुद्धि प्रकाशे ॥

जिमी धन मूल धर्मं अरु दाना ।
धर्मं मूल गंगाजल पाना ॥

तब गुन गुणन करत दुख भाजत ।
गृह गृह सम्पति सुमति विराजत ॥

गंगहि नेम सहित नित ध्यावत ।
दुर्जनहूं सज्जन पद पावत ॥

उद्दिहिन विद्या बल पावै ।
रोगी रोग मुक्त हवे जावै ॥

गंगा गंगा जो नर कहहीं ।
भूखा नंगा कभुहुह न रहहि ॥

निकसत ही मुख गंगा माई ।
श्रवण दाबी यम चलहिं पराई ॥

महं अघिन अधमन कहं तारे ।
भए नरका के बंद किवारें ॥

जो नर जपी गंग शत नामा ।
सकल सिद्धि पूरण ह्वै कामा ॥

सब सुख भोग परम पद पावहीं ।
आवागमन रहित ह्वै जावहीं ॥

धनि मइया सुरसरि सुख दैनि ।
धनि धनि तीरथ राज त्रिवेणी ॥

ककरा ग्राम ऋषि दुर्वासा ।
सुन्दरदास गंगा कर दासा ॥

जो यह पढ़े गंगा चालीसा ।
मिली भक्ति अविरल वागीसा ॥

॥ दोहा ॥

नित नए सुख सम्पति लहैं, धरें गंगा का ध्यान ।
अंत समाई सुर पुर बसल, सदर बैठी विमान ॥

संवत भुत नभ्दिशी, राम जन्म दिन चैत्र ।
पूरण चालीसा किया, हरी भक्तन हित नेत्र ॥

गंगा चालीसा

Ganga Chalisa Lyrics In English | जय जय जननी हराना अघखानी

|| Ganga Chalisa ||

|| Doha ||

Jai Jai Jai Jag Pavani,
Jayati Devsari Ganga.
Jai Shiv Jata Nivasini,
Anupam Tung Tarang.

|| Chaupai ||

Jai Jai Janani Haraana Aghakhani.
Anand Karni Ganga Maharani.

Jai Bhagirathi Surasari Mata.
Kalimal Mool Daalini Vikhyata.

Jai Jai Jahanu Suta Agh Hanani.
Bhishm Ki Mata Jaga Janani.

Dhaval Kamal Dal Mam Tanu Saje.
Lakhi Shat Sharad Chandra Chhavi Lajai.

Vahan Makar Vimal Shuchi Sohe.
Amiya Kalash Kar Lakhi Man Mohen.

Jadita Ratna Kanchan Abhushan.
Hiy Mani Har, Haranitam Dushan.

Jag Pavani Tray Tap Nasvani.
Taral Tarang Tung Man Bhavani.

Jo Ganpati Ati Pujya Pradhan.
Ihun Te Pratham Ganga Asnaan.

Brahma Kamandal Vasini Devi.
Shri Prabhu Pad Pankaj Sukh Sevi.

Saathi Sahasr Sagar Sut Tarayo.
Ganga Sagar Teerth Dharyo.

Agam Tarang Uthyo Man Bhavan.
Lakhi Teerth Haridwar Suhavan.

Teerth Raj Prayag Akshaiveta.
Dharyo Maatu Puni Kashi Karavat.

Dhani Dhani Surasari Swarg Ki Sidi.
Tarni Amita Pitu Pad Pirahi.

Bhagirathi Taap Kiyo Upaara.
Diyo Brahm Tav Surasari Dhara.

Jab Jag Janani Chalyo Haharai.
Shambhu Jaata Mahan Rahyo Samaai.

Varsha Paryant Ganga Maharani.
Rahi Shambhu Ke Jaata Bhulaani.

Puni Bhagirathi Shambhuhin Dhyaayo.
Tab Ik Boond Jata Se Paayo.

Taate Maatu Bheng Tray Dhara.
Mrityu Lok, Naabha, Aru Paataara.

Gaai Paataal Prabhavati Naama.
Mandaakini Gaai Gagan Lalaama.

Mrityu Lok Jahnavi Suhavani.
Kalimal Harani Agam Jag Pavani.

Dhani Maiya Tab Mahima Bhaari.
Dharm Dhuri Kali Kalush Kuthaari.

Maatu Prabhavati Dhani Mandaakini.
Dhani Sur Sarit Sakal Bhaynashini.

Pan Karat Nirmal Ganga Jal.
Paavat Man Ichhit Anant Phal.

Purav Janam Punya Jab Jaagat.
Tabhi Dhyaan Ganga Maan Lagaat.

Jai Pagu Surasari Hetu Uthaavahi.
Tai Jagi Ashwamedh Phal Paavahi.

Maha Patit Jin Kahin Na Taare.
Tin Taare Ek Naam Tihaare.

Shat Yojan Hoon Se Jo Dhyaavahi.
Nishchai Vishnu Lok Pad Paavahi.

Naam Bhajat Aganit Agh Naashai.
Vimal Gyan Bal Buddhi Prakaashai.

Jimi Dhan Mool Dharm Aru Daana.
Dharm Mool Ganga Jal Paana.

Tab Gun Gunan Karat Dukh Bhaajat.
Grih Grih Sampati Sumati Viraajat.

Gangaahi Nem Sahit Nit Dhyaavat.
Durjan Hoon Sajjan Pad Paavat.

Uddihin Vidya Bal Paavai.
Rogi Rog Mukta Have Jaavai.

Ganga Ganga Jo Nar Kahin.
Bhookha Nanga Kabhuhu Nah Rahahi.

Niksat Hi Mukh Ganga Maai.
Shravan Daabi Yam Chalahin Paraai.

Mahan Aghin Adhman Kah Taare.
Bhaye Naraka Ke Band Kivaaren.

Jo Nar Jap Ganga Shat Nama.
Sakal Siddhi Puraan Have Kaama.

Sab Sukh Bhog Param Pad Paavahi.
Aavagaman Rahit Have Jaavahi.

Dhani Maiya Surasari Sukh Daini.
Dhani Dhani Teerth Raaj Triveni.

Kakara Graama Rishi Durvasa.
Sundaradas Ganga Kar Daasa.

Jo yah padhe Ganga Chaalisa.
Mili Bhakti Aviral Vaagisa.

|| Doha ||

Nit Nayi Sukh Sampati Lahain, Dharen Ganga Ka Dhyaan.
Ant Samaai Sur Pur Basal, Sadar Baithi Vimaan.

Sanvat Bhoot Nabhdishee, Ram Janma Din Chaitra.
Pooran Chaalisa Kiya, Hari Bhakton Hit Netra.