Book Dhanteras Online Group Puja Book Dhanteras Online Group Puja Book Now

Tilak in Hinduism – तिलक: हिंदू धर्म में तिलक की मान्यता, प्रकार व लाभ

Written By 99PanditJi
Last Updated August 26, 2024
1
Select Puja
2
Book Pandit
3
Perform Puja
4
Get Blessings
Summarize This Article With Ai - ChatGPT Perplexity Gemini Claude Grok

हिन्दू धर्म में कई ऐसे परम्पराएँ है जो कि लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है| लेकिन अब इस विज्ञान के आगे हिन्दू संस्कृति की कोई मान्यता नहीं रही है| हमारे हिन्दू धर्म में तिलक लगाने का बहुत ही अधिक महत्व बताया गया है| माथे पर तिलक को लगाना हमारे हिन्दू धर्म की संस्कृति को झलकाता है|

अगर सीधी भाषा में बोला जाएं तो तिलक हिन्दू धर्म के लोगो की पहचान है| प्राचीन काल में जब बड़े – बड़े राजा – महाराजा किसी शुभ कार्य के लिए जाते थे तो माथे पर तिलक अवश्य ही लगवाते थे| इसके अलावा भी वह जब युद्ध के लिए जाते थे तो युद्ध में विजय पाने के लिए अपने इष्ट देव को याद करके माथे पर तिलक लगाकर जाते थे|

तिलक

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार वैसे तो तिलक को माथे पर लगाया जाता है लेकिन माथे के अलावा भी तिलक को गले, हृदय, दोनों हाथ, पीठ और नाभि को मिलाकर अन्य 12 जगहों पर तिलक लगाया जाता है| हिन्दू धर्म में तिलक लगाने को बहुत ही शुभ माना जाता है| आज के समय में लोग वैज्ञानिकों की ज्यादा मानने लगे है|

वैज्ञानिकों ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है कि तिलक को माथे पर लगाने के कई सारे फायदे है| उनका भी मानना है कि तिलक को मस्तक पर लगाने से शरीर में शांति और ऊर्जा की अनुभूति होती है| भारत देश में हिन्दू धर्म में तिलक अनेक प्रकार के है| तिलक कई प्रकार के होते है जैसे – भस्म तिलक, चन्दन तिलक, रोली तिलक, सिंदूर तिलक इत्यादि अनेकों प्रकार के तिलक होते है|

Book a Pandit for Any Puja

Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration

Order Samagri
Book a Pandit

हिन्दू धर्म में तिलक की मान्यता

सनातन धर्म में सभी मतों के लोगों के लिए जैसे कि शैव, शाक्त और वैष्णव एवं अन्य सम्प्रदाय में तिलक अलग – अलग प्रकार के होते है| हिन्दू धर्म में लोग अधिकतर लाल रंग के कुमकुम का तिलक लगाते है|

हिन्दू धर्म में स्त्रियाँ भी पूजा करने के पश्चात लाल कुमकुम का ही तिलक लगाती है क्योंकि लाल रंग को ऊर्जा और स्फूर्ति का प्रतीक भी माना जाता है| तिलक स्त्रियों की सुन्दरता में वृद्धि कर देता है| तिलक देवी माता की पूजा से जुड़ा हुआ है| देवी माँ की पूजा करने के बाद माता के आशीर्वाद के स्वरुप में तिलक को मस्तक पर लगाया जाता है|

माता के पूजन के बाद तिलक लगाने से आशीर्वाद तो मिलता ही है| साथ ही देवी माँ की असीम कृपा भी प्राप्त होती है| इसके अलावा चन्दन का तिलक लगाने से सभी पापों का नाश होता है| चन्दन का तिलक लगाने से यह प्राणों की रक्षा भी भी करता है| तथा लक्ष्मी माँ का आशीर्वाद भी बना रहता है|

99pandit

100% FREE CALL TO DECIDE DATE(MUHURAT)

99pandit

चन्दन का तिलक लगाने से ज्ञान भी सक्रिय रहता है| शैवों की परंपरा के अनुसार यह लोग चन्दन की आड़ी रेखा के रूप में ही तिलक लगता है| दूसरी ओर शाक्त सम्प्रदाय के लोग अधिकतर सिंदूर से बना तिलक ही लगाते है| सिंदूर को शाक्त मत में उग्रता का प्रतीक माना जाता है| यह तिलक लगाने वाले की शक्ति और तेज को बढ़ाने में सहायता करता है|

इनमे से कुछ प्रमुख प्रकार के तिलक भी है जैसे – लालश्री तिलक, रामानंद तिलक, विष्णुस्वामी तिलक इत्यादि कुल चौसठ प्रकार के तिलक वैष्णव धर्म में माने जाते है जिनके बारें में हम आगे इस आर्टिकल के माध्यम से  सम्पूर्ण विस्तार से जानेंगे|

तिलक कितने प्रकार के होते है

तिलक चार प्रकार के होते है या हम ये भी यह भी कह सकते है कि इन चार चीज़ों से तिलक बनाकर तैयार किया जाता है| ये चार प्रकार निम्न है –

  • कुमकुम
  • केसर
  • चन्दन
  • भस्म

कुमकुम हल्दी चूना मिलकर बना होता है| यह हमारे आज्ञा चक्र की शुद्धि करता है| साथ ही कैल्शियम प्रदान करते हुए ज्ञान चक्र को भी सक्रिय कर देता है|

केसर का तिलक मस्तिष्क को शांत और शीतल रखने का कार्य करता है|

चन्दन का तिलक भी दिमाग को शांत को करके मानसिक शांति प्रदान करता है|

भस्म से बने तिलक को लगाने से यह मस्तक के रोम छिद्रों में उपस्थित सभी विषाणुओं को नष्ट कर देता है|

सनातन धर्म में तिलक के अनेको प्रकारों का विवरण किया गया है| अलग – अलग धर्म और सम्प्रदाय के अनुसार तिलक को विभिन्न प्रकारों में बांटा गया है| सनातन धर्म में मुख्यत: शैव, शाक्त और वैष्णव आदि सम्प्रदाय शामिल है|

तिलक

सिंदूर को शाक्त सम्प्रदाय में उग्रता का प्रतीक माना जाता है| यह तिलक लगाने वाले की शक्ति और तेज को बढ़ाने में सहायता करता है| वैष्णव सम्प्रदाय में कुल चौसठ प्रकार के भिन्न – भिन्न तिलक का वर्णन किया गया है| इनमे से कुछ प्रमुख प्रकार के तिलक भी है जैसे – लालश्री तिलक, रामानंद तिलक, विष्णुस्वामी तिलक इत्यादि कुल चौसठ प्रकार के तिलक वैष्णव धर्म में माने जाते है|

इन सब में सबसे प्रमुख तिलक रामानंद तिलक और विष्णुस्वामी तिलक है| विष्णु स्वामी तिलक दोनों भोहों के बीच में दो चौड़ी खड़ी रेखाओं से बना होता है| रामानंद तिलक भी विष्णु स्वामी तिलक की भांति ही है| इसमें उस विष्णुस्वामी तिलक के मध्य में कुमकुम की खड़ी रेखा खींची जाती है|

सप्ताह के दिनों के अनुसार तिलक

सोमवार:

सोमवार का दिन भगवान शंकर को समर्पित किया गया है| इस वार का ग्रह चंद्रमा को माना गया है| हिन्दू धर्म के अनुसार चंद्रमा को मन का कारक माना गया है| अपने मन को काबू में करने के लिए दिमाग को शांत रखना आवश्यक है| इसके लिए इस दिन सफ़ेद चन्दन का तिलक लगाना उचित माना गया है| यदि आप चाहे तो भस्म या विभूति से भी तिलक लगा सकते है|

मंगलवार:

हिन्दू धर्म के अनुसार मंगलवार का दिन हिन्दू देवी – देवताओं में हनुमान जी को समर्पित किया गया है| इस वार का ग्रह भी मंगल को माना गया है| मंगल ग्रह लाल रंग का नेतृत्व करता है| इस दिन लाल चन्दन या फिर चमेली के तेल में घुले हुए सिंदूर के तिलक को लगाना शुभ माना गया है| इस तिलक को लगाने से व्यक्ति की ऊर्जा और कार्यक्षमता में भी अत्यंत बढ़ोतरी होती है|

बुधवार:

यह दिन भगवान गणेश जी और देवी माँ दुर्गा को समर्पित किया गया है| इस दिन के स्वामी के रूप में बुध ग्रह को जाना जाता है| इस दिन सूखे सिंदूर, जिसमे कोई सा भी तेल ना मिला रखा हो, का तिलक लगाया जाता है| इस तिलक को लगाने से व्यक्ति की बुद्धि में सुधार होता है|

गुरूवार:

गुरूवार को बृहस्पति के नाम से भी पहचाना जाता है| बृहस्पति को ऋषियों का गुरु माना जाता है| गुरूवार का यह दिन ब्रह्मा जी समर्पित किया गया है| इस दिन का स्वामी बृहस्पति ग्रह है| बृहस्पति ग्रह पीले रंग या सफ़ेद मिले हुए  पीले रंग का प्रतिनिधित्व करता है|

99pandit

100% FREE CALL TO DECIDE DATE(MUHURAT)

99pandit

इसलिए इस दिन सफ़ेद चन्दन को घिसकर उसमे केसर मिलाकर उसका तिलक लगाना चाहिए| इस दिन हल्दी का तिलक भी लगाया जा सकता है| इससे मन में आने सकारात्मक विचारों में वृद्धि होगी और आर्थिक तंगी भी दूर होगी|

शुक्रवार:

यह दिन भगवान विष्णु की धर्मपत्नी माता लक्ष्मी जी को समर्पित है| इस दिन के स्वामी शुक्र ग्रह ही है| शुक्र ग्रह को दैत्यराज भी कहा जाता है क्योंकि शुक्राचार्य असुरों के गुरु थे| इस दिन लाल चंदन का तिलक लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है| इसको तिलक को लगाने से तनाव तो दूर होता ही है बल्कि साथ ही साथ सुख – समृद्धि भी बढ़ती है|

शनिवार:

शनिवार का दिन एक नहीं बल्कि तीन देवता, क़ाल भैरव, शनिदेव और यमराज को समर्पित किया गया| इस दिन विभूति, भस्म या लाल चन्दन का तिलक लगाने से भैरव भगवान प्रसन्न होते है और सभी कष्टों का निवारण करते है|

रविवार:

रविवार का दिन भगवान विष्णु और सूर्य देव का दिन है| इस दिन के स्वामी सूर्य ग्रह है जो सभी ग्रहों के राजा है| इस दिन लाल चन्दन या हरि चन्दन का तिलक लगाने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मान – सम्मान में बढ़ोतरी होती है|

Book a Pandit for Any Puja

Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration

Order Samagri
Book a Pandit

तिलक लगाने का मंत्र व उंगलियों का महत्व

तिलक लगाने का मंत्र
चन्दनस्य महत्पुण्यं पवित्रं पापनाशनम् |
आपदं हरते नित्यं लक्ष्मीस्तिष्टि सर्वदा ||

तिलक के बिना आपके द्वारा किया गया कोई भी धार्मिक कार्य मान्य नहीं है| इसलिए कभी भी बिना तिलक के पूजा नहीं करनी चाहिए| हमेशा भगवान को लगाने के बाद जो तिलक बचे| उसका ही इस्तेमाल करना चाहिए| हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार किसी भी पूजा, पितृकर्म और देवा आदि सभी पूजा करने से पहले मस्तक पर तिलक जरूर लगाना चाहिए|

ब्राह्मण को तिलक लगाने का मंत्र
केशवानन्न्त गोविन्द बाराह पुरुषोत्तम |
पुण्यं यशस्यमायुष्यं तिलकं मे प्रसीदतु ||

कोई भी ब्राह्मण यदि बिना तिलक के रहता है तो उसे दोष लगता है| इसलिए ब्राह्मण को हमेशा तिलक लगाए रखना चाहिए|

भगवान को तिलक लगाने का मंत्र –
श्रीखंडं चन्दनं दिव्यं गंधाढयं सुमनोहरम |
विलेपनं सुरश्रेष्ठ चन्दनं प्रतिगृह्यताम ||
ॐ तं यज्ञं बर्हिषि प्रौक्षन पुरुषं जातमग्रतः |
तेन देवा अयजन्त साध्या ऋषयश्च ये || 

तिलक लगाने के लिए उंगलियों का महत्व

हिंदू धर्म के अनुसार तिलक को लगाने के भी कुछ नियम है जिन्हें हमारे शास्त्रों में भी बताया गया है| हमे भी तिलक लगाते समय उन नियमों का पालन करना चाहिए| इन नियमों ने उँगली से तिलक लगाना भी इसी में शामिल है| जिन व्यक्तियों को मोक्ष की कामना है|

उन्हें अंगूठे से तिलक निकलना चाहिए| जिस व्यक्ति को धनवान बनने की इच्छा हो उसे मध्यमा उंगली से तिलक लगाए| सुख व शांति की कामना करने वाले व्यक्ति को अनामिका उंगली से तिलक लगाए|

इसके अलावा किसी भी युद्ध में विजय पाने या शत्रु के नाश के लिए तर्जनी उंगली की सहायता से मस्तिष्क पर तिलक लगाना चाहिए| तिलक को सही नियम से लगाए जाने पर यह व्यक्ति के जीवन में खुशहाली भर देता है|

तिलक लगाते समय ध्यान देने योग्य बातें

  • तिलक लगाते समय ध्यान रखें कि आप जिसके भी तिलक लगा रहे है तो तिलक उसके दोनों भौहों के मध्य में ही लगना चाहिए|
  • तिलक के भगवान के आशीर्वाद के रूप में लगाया जाता है| इसलिए तिलक लगाने से पूर्व स्नान अवश्य कर ले|
  • जब भी आप तिलक लगवाएं तो आपका मुख सदा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए|
  • जो भी ब्राह्मण सुबह – शाम हवन करते है| उन्हें हमेशा तिलक लगाकर ही हवन करना चाहिए क्योंकि बिना तिलक लगाए हवन का फल प्राप्त नहीं होता है|
  • लाल चन्दन, विभूति, सफ़ेद चन्दन, कुमकुम, हल्दी और भस्म का तिलक लगाना हिन्दू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है|
  • भगवान को हमेशा अपनी अनामिका उंगली से ही तिलक लगाना चाहिए| इससे मन को शांति की अनुभूति प्राप्त होती है|
  • कनिष्क तिलक या ऋषि कार्यों में तिलक हमेशा छोटी उंगली से लगाया जाता है|
  • पितृ संबंधी सभी कार्यों में तिलक मध्यमा उंगली से लगाना चाहिए|
  • भगवान को अंगूठे से तिलक नहीं लगाना चाहिए|

Book a Pandit for Any Puja

Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration

Order Samagri
Book a Pandit

तिलक लगाने से होने वाले लाभ

हिन्दू धर्म में तिलक लगाने बहुत बड़ा महत्व और तिलक लगाने के कई सारे लाभ भी बताये गए है| तिलक कई प्रकार के होते है| तिलक को केवल लगाने मात्र से ही मनुष्य का व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली होता है|

तिलक लगाने से व्यक्ति के आत्म विश्वास और आत्मबल में वृद्धि होती है| नियमित रूप से मस्तक पर तिलक लगाने से मस्तक में शीतलता बनी रहती है और लोग सुख व शांति का अनुभव करते है| तिलक लगाने से कई तरह की मानसिक बिमारियों से छुटकारा मिलता है|

तिलक

तिलक लगाने से मस्तिष्क में सेराटोनिन हर्मोन स्त्रावित होता है| जिससे व्यक्ति की उदासी दूर होती है और मन में उत्साह की भावना को जगाता है| हल्दी से बना तिलक लगाने से त्वचा से सभी कीटाणु मर जाते है|

हल्दी में ऐसे तत्व होते है जो हमारी त्वचा पर उपस्थित कीटाणुओं को नष्ट कर देता है| धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चन्दन का तिलक लगाने से मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है| ज्योतिषियों का भी यह मानना है कि तिलक लगाने से ग्रहों के दोषों का नाश होता है| और मनुष्य के सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है|

निष्कर्ष

हमने इस आर्टिकल के माध्यम से आपको तिलक का हिन्दू धर्म में क्या महत्व है, के बारे में बताया| माथे पर तिलक के प्रकार कितने होते है, तिलक कितने प्रकार के होते है तथा तिलक का क्या महत्व है| इसके अलावा भी अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते है। तो आप हमारी वेबसाइट पर जाकर सभी तरह की पूजा या त्योहारों के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान ले सकते है।

इसके अलावा अगर आप ऑनलाइन किसी भी पूजा जैसे सुंदरकांड पाठ,अखंड रामायण पाठ, गृह प्रवेश पूजन और विवाह पूजा के लिए भी आप हमारी वेबसाइट 99Pandit  की सहायता से ऑनलाइन पंडित  बहुत आसानी से बुक कर सकते है।

आप हमे कॉल करके भी पंडित जी को किसी की कार्य के बुक कर सकते है जो कि वेबसाइट पर दिए गए है फिर चाहे आप किसी भी राज्य से हो। हम आपको आपकी भाषा वाले ही पंडित जी से ही जोड़ेंगे|

Book a Pandit for Any Puja

Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration

Order Samagri
Book a Pandit

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q.हिन्दू धर्म में तिलक क्यों लगाते है ?

A.हिन्दू धर्म में तिलक लगाना इस बात संकेत है कि उस व्यक्ति ने किस धर्म से अपनी अध्यात्म की शिक्षा प्राप्त की है|

Q.तिलक किसका प्रतीक है ?

A.हिन्दू धर्म में तिलक भगवान के आशीर्वाद का प्रतीक है|

Q.तिलक कहाँ लगाना चाहिए ?

A.तिलक को हमेशा ही दोनों भौहों के मध्य में लगाना चाहिए|

Q.तिलक लगाने से क्या लाभ है ?

A.तिलक लगाने से ग्रहों से होने वाले दोष व नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है|

Table Of Content


Enquire Now
Book A Pandit

Puja Services

..
Filter